अंकिता पटेल
पुणे के पांच गणपति मंडलों को पारंपरिक रूप से विशेष सम्मान प्राप्त है। इन्हें मानाचे गणपति यानी सम्मानित गणपति कहा जाता है। विसर्जन जुलूस में इनका एक निश्चित क्रम है।
श्री कसबा गणपति को पुणे का ग्रामदैवत यानी नगर के आराध्य देवता के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है। मानाचे पाँच गणपतियों में इनका पहला स्थान है।
श्री तांबडी जोगेश्वरी गणपति मानाचे पाँच में दूसरे स्थान पर हैं। यह गणपति पुराने पुणे शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है।
गुरुजी तालीम गणपति मानाचे पाँच में तीसरे स्थान पर हैं। इस मंडल का इतिहास पारंपरिक तालीम और समुदाय से जुड़ा बताया जाता है।
तुलशीबाग गणपति मानाचे पाँच में चौथे स्थान पर हैं। पुराने पुणे के प्रसिद्ध बाजार क्षेत्र तुळशीबाग से जुड़ा यह गणपति अपने भव्य रूप के लिए जाना जाता है।
केसरीवाड़ा गणपति मानाचे पाँच में पांचवें स्थान पर हैं। इसका संबंध लोकमान्य तिलक के केसरीवाड़ा और सार्वजनिक गणेशोत्सव की ऐतिहासिक परंपरा से जोड़ा जाता है।
मानाचे पाँच में शामिल न होने के बावजूद श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति पुणे के सबसे चर्चित गणपतियों में गिने जाते हैं। भक्त यहां विशेष श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं।
भाऊसाहेब रंगारी गणपति का महत्व इसकी ऐतिहासिक भूमिका से जुड़ा है। यह मानाचे पाँच में शामिल नहीं है, लेकिन इतिहास प्रेमियों के लिए बेहद खास पड़ाव है।
पुराने पुणे के प्रसिद्ध बाजार क्षेत्र से जुड़ा मंडई गणपति भी शहर के चर्चित गणपति मंडलों में शामिल है। यहां गणेशोत्सव के दौरान पारंपरिक माहौल के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।