अंकिता पटेल
नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। जानिए नौ दिनों में किस माता की पूजा करें, कौन-सा भोग और फल अर्पित करें और किस रंग के वस्त्र पहन सकते हैं।
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करें। माता को गाय का घी और सफेद मिठाई जैसे पेड़ा अर्पित कर सकते हैं। फल में केला या सेब रखें और नारंगी रंग के वस्त्र पहनें।
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माता को शक्कर या मिश्री और मौसमी फल अर्पित कर सकते हैं। मिठाई में मिश्री या बताशे रखें और सफेद रंग के वस्त्र धारण करें।
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करें। माता को दूध से बनी मिठाई, खीर या पेड़ा अर्पित कर सकते हैं। फल में अनार या सेब रखें और लाल रंग के वस्त्र पहनें।
चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। माता को मालपुआ या हलवा और मौसमी फल अर्पित कर सकते हैं। इस दिन रॉयल ब्लू रंग के वस्त्र पहनने की परंपरा भी प्रचलित है।
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना करें। माता को केले का भोग लगाना प्रचलित है; साथ में केले से बनी मिठाई या खीर भी अर्पित कर सकते हैं। फल में केला रखें और पीले रंग के वस्त्र पहनें।
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। माता को शहद और हलवा या किसी सात्विक मिठाई का भोग अर्पित कर सकते हैं। फल में सेब या अनार रखें और हरे रंग के वस्त्र पहनें।
सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना करें। माता को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई अर्पित करना एक प्रचलित परंपरा है। फल में केला या सेब रख सकते हैं और ग्रे रंग के वस्त्र पहन सकते हैं।
आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। माता को नारियल और नारियल से बनी मिठाई या खीर अर्पित कर सकते हैं। फल में नारियल या केला रखें और बैंगनी रंग के वस्त्र पहनें।
नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ नवरात्रि की आराधना पूर्ण की जाती है। माता को तिल, हलवा-पूरी या घर में बनी सात्विक मिठाई अर्पित कर सकते हैं।