आंचल लोखंडे
नासिक कुंभ परिसर पूरी तरह भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह से सराबोर नजर आया।
नासिक सिंहस्थ कुंभ का ध्वजारोहण केवल एक पारंपरिक क्रिया नहीं, बल्कि यह वैराग्य, त्याग और सनातन अस्मिता का जीवंत प्रतीक है।
रामकुंडा में महाधर्मध्वजा फहराने की रस्म राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों पूरी हुई, राष्ट्रपति ने गोदावरी आरती शुरू की।
त्र्यंबकेश्वर में धर्म ध्वजारोहण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों हुआ।
नासिक सिंहस्थ कुंभ के ध्वजारोहण समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ प्रमुखता से उपस्थित रहे।
नासिक सिंहस्थ कुंभ के ध्वजारोहण समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ पवित्र पुजा में शामिल हुई।
त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा धर्म ध्वजारोहण दोपहर 12:02 बजे के शुभ मुहूर्त पर किया गया।
नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को दोपहर ठीक 12 बजकर 02 मिनट के शुभ मुहूर्त पर धर्मध्वजारोहण संपन्न हुआ।
नासिक- त्रयंबकेश्वर के सिंहस्थ की वह पावन मंगल बेला आ गई, जब गोदावरी के पवित्र तटों पर सनातन धर्म का परम ध्वज लहराया।
इस अलौकिक अनुष्ठान के साथ ही 'नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ मेला' का भव्य शंखनाद हो चुका है।
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