अंकिता पटेल
ठाणे की चर्चित दही हांडी में गोविंदा पथकों के बीच ऊंचे मानव पिरामिड बनाने की जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है।
टेम्भी नाका की दही हांडी ठाणे की पुरानी और लोकप्रिय उत्सव परंपराओं में गिनी जाती है। ढोल-ताशों की गूंज पूरे माहौल को खास बना देती है।
ठाणे के हिरानंदानी मीडोज में सजावट, संगीत, बड़ी भीड़ और गोविंदा पथकों की शानदार प्रस्तुति इस आयोजन का आकर्षण रहती है।
जांभली नाका में दही हांडी के दौरान पूरा इलाका उत्सवी रंग में रंग जाता है। गोविंदा पथकों की तैयारियां, दर्शकों की भीड़ और पारंपरिक माहौल यहां की खास पहचान बनते हैं।
मुंबई के प्रमुख उपनगरीय इलाकों में होने वाले बड़े आयोजनों में घाटकोपर की दही हांडी भी आकर्षण का केंद्र रहती है।
दादर की गलियों में दही हांडी का पारंपरिक उत्साह अलग ही आता है नजर। मानव पिरामिड और दर्शकों की भीड़ यहां के माहौल को यादगार बनाती है।
वर्ली का जंबोरी मैदान बड़े आयोजनों के लिए जाना जाता है। दही हांडी के दौरान यहां गोविंदा पथक ऊंचे पिरामिड बनाकर हांडी तक पहुंचने की चुनौती लेते हैं।
अंधेरी में दही हांडी के दौरान संगीत, सजावट और गोविंदा पथकों की प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। पश्चिमी उपनगर का यह इलाका उत्सव के दौरान खासा जीवंत नजर आता है।
मुंबई का फिल्मी माहौल और दही हांडी का जोश यहां एक साथ नजर आता है। बड़े मंच, रंगीन सजावट और गोविंदा पथकों की प्रस्तुतियां इस आयोजन को खास बनाती हैं।
मुंबई-ठाणे की ऊंची पिरामिड वाली दही हांडी से अलग पुणे के पारंपरिक इलाकों में उत्सव का सांस्कृतिक रंग खास दिखाई देता है।