भारतीय संविधान के हुए 75 साल, जानिए इसकी खास 5 बड़ी बातें

दीपिका पाल

भारत का संविधान

स्वतंत्र भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को तय हुआ था जिस पर संवैधानिक समिति ने हस्ताक्षर किए थे।

संविधान निर्माता

पहले संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर को माना गया है जिन्होंने चेतावनी और सुझाव दिए थे।

बाबा की चेतावनी

इंसान को असहयोग और सत्याग्रह के तरीकों को छोड़ देना चाहिए।

इंसान की आत्मा

किसी भी धर्म में भक्ति करने से इंसान की आत्मा का उद्धार हो सकता है राजनीति में तानाशाही का।

राजनीतिक लोकतंत्र

सिर्फ राजनीतिक लोकतंत्र को पाकर समाज फैली असमानता खत्म नहीं हो जाती।

भेदभाव

भारतीय संविधान देश के हर नागरिक को एकल नागरिकता देता है भेदभाव नहीं किया जा सकता।

एकता-अखंडता

देश में संप्रभुता,एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए आपातकाल लागू करना भी जरूरी है।

सरकार का मुखिया

भारत में प्रधानमंत्री ही सरकार का मुखिया होता है।

संविधान का स्वरुप

इसका स्वरूप कठोर यानी इसमें संशोधन आसानी से नहीं किया जा सकता और लचीले का अर्थ है कि आसानी से बदला जा सके।

धर्मनिरपेक्ष देश

देश में रहने वाले सभी नागरिकों को समान संरक्षण और समर्थन मिलेगा।

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