सिमरन सिंह
आजादी के समय भारत टेक्नोलॉजी में काफी पीछे था 1947 में कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल पेमेंट जैसी सुविधाएं आम लोगों की कल्पना से भी दूर थीं। उस समय देश की प्राथमिकता मजबूत बुनियादी ढांचा, वैज्ञानिक संस्थान और औद्योगिक क्षमता तैयार करना थी।
1950-60 के दशक में भारत ने रखी कंप्यूटर की नींव इस दौर में कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी भारत पहुंची, लेकिन कंप्यूटर बेहद बड़े, महंगे और सीमित संख्या में थे। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से वैज्ञानिक रिसर्च, बड़े संगठनों और जटिल गणनाओं के लिए किया जाता था।
1980-90 के दशक में बदली काम करने की दुनिया, कंप्यूटर धीरे-धीरे सरकारी दफ्तरों, बैंकों और कंपनियों तक पहुंचने लगे। 1990 के दशक की आर्थिक उदारीकरण के बाद भारतीय IT कंपनियों को ग्लोबल मार्केट में अपनी पहचान बनाने का मौका मिला और भारत बना दुनिया का प्रमुख IT और आउटसोर्सिंग हब।
भारत में इंटरनेट की शुरुआत 1990 के दशक के मध्य में हुई। शुरुआत में इसकी पहुंच सीमित थी और स्पीड भी बेहद कम थी। इसके बाद ब्रॉडबैंड, 3G और 4G ने इंटरनेट को करोड़ों भारतीयों तक पहुंचाया। आज पढ़ाई, शॉपिंग, सोशल मीडिया और वीडियो स्ट्रीमिंग सब ऑनलाइन है।
मोबाइल फोन ने टेक्नोलॉजी को हर हाथ तक पहुंचाया शुरुआत में मोबाइल का इस्तेमाल कॉल और SMS के लिए होता था। स्मार्टफोन और मोबाइल इंटरनेट आने के बाद यही डिवाइस बैंकिंग, टिकट बुकिंग, पढ़ाई, ऑफिस वर्क, वीडियो कॉल और ऑनलाइन शॉपिंग का जरिया बन गया।
UPI ने भारत में डिजिटल पेमेंट का तरीका पूरी तरह बदल दिया। आज चाय की दुकान से लेकर बड़े स्टोर तक QR कोड से पेमेंट करना बेहद आम हो गया है। कुछ सेकंड में बैंक अकाउंट से सीधे दूसरे अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
4G के बाद 5G ने बढ़ाई डिजिटल रफ्तार 5G ने तेज इंटरनेट और कम लेटेंसी के साथ नई टेक्नोलॉजी के लिए रास्ता खोला। स्मार्ट सिटी, इंडस्ट्रियल IoT, ऑटोमेशन और क्लाउड गेमिंग जैसे क्षेत्रों में 5G की भूमिका बढ़ रही है।
2026 में भारत टेक्नोलॉजी के नए दौर में AI और Generative AI तेजी से लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन रहे हैं। आज AI से सवालों के जवाब पाने, फोटो बनाने, जानकारी समझने, कोड लिखने और कई रोजमर्रा के काम आसान करने में मदद ली जा रही है। शिक्षा, बैंकिंग, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर और सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों में भी AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
1947 से 2026: टेक्नोलॉजी का सफर जारी है, कंप्यूटर से स्मार्टफोन, डायल-अप इंटरनेट से 5G और कैश से UPI तक भारत ने टेक्नोलॉजी में लंबी छलांग लगाई है। अब अगला पड़ाव AI, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और एडवांस्ड कनेक्टिविटी हो सकता है।