अंकिता पटेल
हर भाषा अपने साथ एक संस्कृति, इतिहास और भावनाओं की दुनिया लेकर चलती है। हिंदी भी हमारे दिलों और रोजमर्रा की जिंदगी से गहराई से जुड़ी है।
“हिंदी में बोले शब्द जब दिल तक पहुंच जाते हैं,
साधारण से पल भी खास बन जाते हैं।
अपनी भाषा से जुड़कर देखिए,
कितने रिश्ते और करीब आ जाते हैं।”
“शब्द हिंदी के हों तो भाव अपने लगते हैं,
दिल के कई राज आसानी से कह जाते हैं।
अपनी भाषा को सम्मान देते रहिए,
यही शब्द हमारी पहचान बन जाते हैं।”
“मीठे हैं इसके शब्द, सरल है इसका अंदाज,
हर दिल तक पहुंचता है हिंदी का एहसास।
बोलियों की खुशबू और शब्दों की शान,
हिंदी से सजता है अपना हिंदुस्तान।”
“जब भावों को शब्द मिलते हैं,
तो मन की बातें आसान होती हैं।
हिंदी के सुंदर शब्दों में
अपनों से कही हर बात खास होती है।”
“भाषा कोई भी हो, भाव सच्चे होने चाहिए,
लेकिन अपनी भाषा से रिश्ते गहरे होने चाहिए।
हिंदी हमारी अभिव्यक्ति की सुंदर आवाज है,
इसका सम्मान हर दिल के पास होना चाहिए।”
“अक्षर-अक्षर भाव सजाए,
शब्दों में संसार बसाए।
सरल लगे, फिर भी गहरी है,
अपनी हिंदी सबसे प्यारी है।
नई पीढ़ी इसे अपनाए,
हिंदी हर दिल में मुस्काए।”
“नई राहों पर आगे बढ़ें,
दुनिया की हर भाषा पढ़ें।
पर अपनी भाषा को न भूलें,
हिंदी से रिश्ते हमेशा जोड़ें।”
“हिंदी के शब्दों में अपनापन है,
हिंदी के सुरों में मिठास है।
जिस भाषा में दिल की बात कह सकें,
वही भाषा हमारे सबसे पास है।”
“एक सुंदर शब्द मुस्कान दे सकता है,
एक अच्छा वाक्य उम्मीद जगा सकता है।
हिंदी के शब्दों की यही खूबसूरती है,
जो दिल से निकले, वह दिल तक जाता है।”