अंकिता पटेल
हिंदी भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली भाषाओं में शामिल है। इसकी अपनी समृद्ध साहित्यिक परंपरा, अलग लिपि और बड़ी शब्द-संपदा है।
14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी ऐतिहासिक दिन की याद में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।
हिंदी मुख्य रूप से देवनागरी लिपि में लिखी जाती है। इसकी पहचान है कि अक्षरों के ऊपर एक सीधी रेखा दिखाई देती है। देवनागरी में लिखते समय अक्षर एक-दूसरे से जुड़ी इस रेखा के साथ दिखाई देते हैं।
2025 के एथ्नोलॉग-आधारित आंकड़ों के अनुसार हिंदी के कुल बोलने वालों की संख्या करीब 60.9 करोड़ आंकी गई है। हिंदी दुनिया की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में तीसरे स्थान पर थी।
अगर आप हिंदी जानते हैं तो आप नेपाली भाषा को आसानी से पढ़ सकते हैं। वही पहला हिंदी टाइपराइटर 1930 के दशक के दौरान लॉन्च किया गया था।
हिंदी की शब्द-संपदा काफी व्यापक है। इसमें संस्कृत के साथ-साथ अरबी, फारसी, तुर्की, अंग्रेजी और कई अन्य भाषाओं से आए शब्द भी मिलते हैं। यही मिश्रण हिंदी को रोजमर्रा की बातचीत में जीवंत बनाता है।
हिंदी साहित्य में कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक, निबंध और पत्रकारिता की लंबी परंपरा है। कबीर, तुलसीदास, प्रेमचंद, महादेवी वर्मा जैसे रचनाकारों ने हिंदी साहित्य को अलग-अलग दौर में नई पहचान दी।
आज हिंदी केवल किताबों और अखबारों तक सीमित नहीं है। मोबाइल, इंटरनेट, सामाजिक मीडिया, वीडियो और डिजिटल समाचारों में हिंदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।
दुनिया भर में कुल 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है। जिनमें से अकेले 45 विश्वविद्यालय अमेरिका से हैं।
समय के साथ हिंदी ने नए शब्दों और नए प्रयोगों को अपनाया है। तकनीक, शिक्षा, मनोरंजन और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव के साथ हिंदी में नए शब्द और अभिव्यक्तियां जुड़ती रहती हैं।