सुनीता पांडे
बिगड़ती लाइफस्टाइल और बिजी शेड्यूल के बीच इन दिनों कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
दरअसल, जिसे लोग हार्ट अटैक समझ रहे हैं, वह कार्डियक अरेस्ट है। यह बिना लक्षण के ही आता है। दोनों के बीच काफी अंतर भी होता है।
जब हार्ट में खून नहीं पहुंचता तब हार्ट अटैक आता है, लेकिन कार्डियक अरेस्ट में हार्ट अचानक से ही काम करना बंद कर देता है।
ऑक्सीजन की कमी से हार्ट का मुख्य भाग डेड होने लगता है, ये प्रक्रिया धीमी होती है। वहीं, दूसरी तरफ कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक से धड़कना बंद कर देता है।
दोनों में से ज्यादा खतरनाक की बात की जाए तो वह कार्डियक अरेस्ट है। क्योंकि इसमें किसी तरह का लक्षण दिखाई नहीं देता है।
हार्ट अटैक का संकेत 48 से लेकर 24 घंटे पहले ही मिलने लगता है। हार्ट अटैक में मरीज को संभालने और जान बचाने का मौका मिलता है। जबकि कार्डियक अरेस्ट में कोई मौका नहीं मिलता है।
कार्डियो एक्सरसाइज, जैसे- साइकिलिंग, जॉगिंग या क्रिकेट, बैडमिंटन और फुटबॉल आदि खेल कर इस खतरे को कम किया जा सकता है।
रात में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने, मोबाइल और टीवी से जितना हो सके परहेज कर इस खतरे से बचा जा सकता है।