सिमरन सिंह
आज स्मार्टफोन से बैंकिंग, शॉपिंग, सोशल मीडिया और पेमेंट तक हर काम होता है। इसीलिए फोन में मौजूद ऐप्स को समय-समय पर अपडेट रखना बेहद जरूरी है।
ऐप अपडेट का सबसे अहम कारण सिक्योरिटी है। अगर किसी ऐप में सुरक्षा खामी मिलती है, तो डेवलपर्स नए अपडेट के जरिए उसे ठीक करते हैं।
अगर आप लंबे समय तक पुराने ऐप वर्जन का इस्तेमाल करते हैं, तो साइबर अपराधी मौजूद सुरक्षा खामियों का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए बैंकिंग और पेमेंट से जुड़े ऐप्स को खास तौर पर अपडेट रखें।
पुराने ऐप्स नए Android या iOS वर्जन के साथ सही तरीके से काम नहीं कर पाते।
ऐप बार-बार बंद हो सकता है
खुलने में ज्यादा समय लग सकता है
कुछ फीचर्स काम नहीं कर सकते
ऐप हैंग हो सकता है
ऐप अपडेट सिर्फ बग फिक्स के लिए नहीं होते। कंपनियां नए अपडेट में अक्सर: नए फीचर्स, बेहतर सर्च, एडिटिंग टूल, प्राइवेसी ऑप्शन और बदला हुआ इंटरफेस देती हैं। पुराना ऐप इस्तेमाल करेंगे तो ये सुविधाएं नहीं मिलेंगी।
कई अपडेट ऐप की स्पीड और स्टेबिलिटी सुधारने के लिए जारी किए जाते हैं। पुराने वर्जन में कभी-कभी ज्यादा बैटरी या मोबाइल डेटा इस्तेमाल हो सकता है और फोन पर अतिरिक्त लोड पड़ सकता है। हालांकि, हर अपडेट के बाद परफॉर्मेंस बेहतर हो, यह जरूरी नहीं।
समय के साथ कुछ ऐप्स पुराने वर्जन को सपोर्ट करना बंद कर देते हैं। ऐसे में ऐप नए ऑपरेटिंग सिस्टम या सर्वर के साथ काम करना बंद कर सकता है और आपको नया वर्जन इंस्टॉल करना पड़ सकता है।
अपडेट करना अच्छा है, लेकिन थोड़ा ध्यान भी जरूरी है। बड़े अपडेट से पहले उसके बदलाव, रिलीज नोट्स और यूजर रिपोर्ट्स देखना उपयोगी हो सकता है। खासकर तब, जब फोन में स्टोरेज कम हो या नया अपडेट ज्यादा जगह ले रहा हो।
फोन में Auto-Update ऑन रखें। अगर मोबाइल डेटा बचाना चाहते हैं तो ऐप्स को Wi-Fi पर ऑटो-अपडेट करने का विकल्प चुन सकते हैं।