सिमरन सिंह
शहद में लगभग 17% से भी कम पानी होता है। इतनी कम नमी में बैक्टीरिया और फफूंदी पनप नहीं पाते, जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।
शहद में ग्लूकोज और फ्रक्टोज की मात्रा बहुत अधिक होती है। यह बैक्टीरिया के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बनाता, इसलिए शहद खराब नहीं होता।
शहद का pH लेवल लगभग 3 से 4.5 के बीच होता है, जो इसे अम्लीय बनाता है। यह अम्लीय वातावरण सूक्ष्मजीवों को मार देता है या उनकी वृद्धि रोक देता है।
शहद में एंज़ाइम "ग्लूकोज़ ऑक्सीडेज़" होता है, जो थोड़ी मात्रा में हाइड्रोजन पेरॉक्साइड बनाता है। यह प्राकृतिक रूप से शहद को एंटी-बैक्टीरियल बनाए रखता है।
अगर शहद को अच्छी तरह से बंद कांच या स्टील के डिब्बे में रखा जाए, तो इसमें हवा या नमी नहीं जाती। इससे इसकी गुणवत्ता सालों तक बनी रहती है।
समय के साथ शहद जम (क्रिस्टलाइज) सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह खराब हो गया है। उसे हल्का गर्म करने पर वह फिर से तरल हो जाता है।
मिस्र के पिरामिडों में 3000 साल पुराने शहद के बर्तन मिले हैं, जो आज भी खाने योग्य पाए गए।
शहद को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर रखें। प्लास्टिक कंटेनर से बचें, क्योंकि लंबे समय में यह रासायनिक प्रतिक्रिया कर सकता है।
एक साल से छोटे बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए। क्या चाहो तो मैं बताऊँ कि शहद की असली-नकली पहचान कैसे करें घर पर?