चेक बाउंस

सिमरन सिंह

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट

चेक बाउंस होना नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की सेक्शन 138 के तहत एक अपराध है।

दोगुना जुर्माना

चेक बाउंस होने पर चेक की राशि का दोगुना जुर्माना भरना पड़ता है।

दो साल की कैद

इसके अलावा चेक बाउंस होने पर ज्यादा से ज्यादा दो साल की कैद भी हो सकती है।

जुर्माना और कैद

किसी बड़े मामले में जुर्माना और कैद दोनों ही हो सकता है।

कारण

चेक बाउंस होने के कई कारण हो सकते हैं।

वैलिडिटी खत्म

चेक की वैलिडिटी खत्म हो जाने से चेक बाउंस हो जाता है।

परेशानी

चेक में शब्द और डिजिटल मेल न खा रहे हो या सिग्नेचर सेम न होना भी इसका कारण होता है।

बैलेंस

खाते में अगर मिनिमम अकाउंट बैलेंस मेनटेन न होने से भी चेक बाउंस होता है

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