सिमरन सिंह
रोजाना आने-जाने के लिए कार जरूरी नहीं है। पैदल चलने से लेकर मेट्रो और ट्रेन तक, कई ऐसे विकल्प हैं जो सफर को आसान बनाने के साथ पर्यावरण पर दबाव भी कम कर सकते हैं।
अगर दूरी कम है तो कार निकालने के बजाय पैदल जाना सबसे आसान विकल्प है। इसमें ईंधन का खर्च नहीं होता और किसी तरह का सीधा वाहन उत्सर्जन भी नहीं होता। साथ ही रोजाना पैदल चलना शारीरिक गतिविधि बढ़ाने का आसान तरीका है।
ऑफिस, बाजार या आसपास की जगहों पर जाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह ईंधन की जरूरत नहीं रखती और छोटी दूरी के सफर में कार का विकल्प बन सकती है।
शहर में लंबी दूरी तय करनी हो तो मेट्रो, बस या ट्राम जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। एक ही वाहन में कई लोग सफर करते हैं, जिससे निजी कारों की संख्या और प्रति यात्री परिवहन से जुड़े उत्सर्जन को कम करने में मदद मिल सकती है।
अगर पैदल या सामान्य साइकिल से सफर करना मुश्किल लगता है, तो ई-बाइक एक विकल्प हो सकती है। खासकर शहर की छोटी और मध्यम दूरी के लिए यह सुविधाजनक हो सकती है।
ई-स्कूटर छोटी दूरी और भीड़भाड़ वाले रास्तों पर उपयोगी हो सकते हैं। कई शहरों में इन्हें किराए पर लेने की सुविधा भी मिलती है। हालांकि, इस्तेमाल से पहले स्थानीय नियम और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना जरूरी है।
अगर कार के बिना जाना संभव नहीं है, तो कारपूलिंग पर विचार किया जा सकता है। एक ही रूट पर जाने वाले लोग एक कार शेयर कर सकते हैं। इससे यात्रा का खर्च बांटा जा सकता है और सड़क पर वाहनों की संख्या भी घट सकती है।
एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए ट्रेन को विकल्प बनाएं। कई यात्रियों के एक साथ सफर करने के कारण रेल परिवहन लंबी दूरी की यात्रा में निजी कार की तुलना में कम संसाधन-गहन विकल्प हो सकता है।
छोटी दूरी है तो पैदल या साइकिल, शहर में लंबा सफर है तो मेट्रो या बस और लंबी दूरी के लिए ट्रेन जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं। वहीं, कार जरूरी होने पर कारपूलिंग एक विकल्प हो सकता है।
हर सफर में कार छोड़ना संभव नहीं होता, लेकिन जहां विकल्प उपलब्ध हों वहां सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट चुनना ईंधन खर्च, ट्रैफिक और परिवहन से होने वाले प्रदूषण को कम करने में योगदान दे सकता है।