सिमरन सिंह
बैटरी खत्म होने का अलर्ट मिलते ही कार को सड़क के किनारे या सुरक्षित जगह पर ले जाएं। गाड़ी रुकने के बाद तुरंत हैजार्ड लाइट ऑन करें, ताकि दूसरे वाहन आपको देख सकें।
सुनसान या जंगल वाले इलाके में बेवजह कार से बाहर न निकलें। अगर आसपास ट्रैफिक है, तो गाड़ी के अंदर रहकर मदद का इंतजार करना ज्यादा सुरक्षित हो सकता है। दरवाजे लॉक रखें और फोन को बैटरी बचाने वाले मोड पर रखें।
पेट्रोल-डीजल कार की तरह EV को धक्का देकर चलाने की कोशिश न करें। इलेक्ट्रिक कार के ड्राइव सिस्टम को गलत तरीके से खिसकाने से नुकसान हो सकता है। जरूरत पड़ने पर कार के मैनुअल में बताए टोइंग निर्देश ही फॉलो करें।
अगर आपकी EV में SOS Emergency Button या कनेक्टेड कार फीचर है, तो उसका इस्तेमाल करें। कंपनी की इमरजेंसी टीम आपकी लोकेशन और स्थिति के आधार पर मदद भेज सकती है।v
मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने पर भी फोन से 112 पर इमरजेंसी कॉल करने की कोशिश करें। हालांकि हर जगह बिना नेटवर्क कॉल कनेक्ट होना सुनिश्चित नहीं है, इसलिए उपलब्ध कनेक्टिविटी के सभी विकल्प आजमाएं।
EV बंद होते ही कंपनी की Roadside Assistance सर्विस से संपर्क करें। उन्हें कार का मॉडल, बैटरी की स्थिति और अपनी लोकेशन बताएं। कुछ कंपनियां मोबाइल चार्जिंग या टोइंग की सुविधा दे सकती हैं।
फोन में GPS ऑन रखें। नेटवर्क उपलब्ध हो तो परिवार या दोस्तों के साथ Live Location शेयर करें। नेटवर्क कमजोर होने पर अपनी लोकेशन बताने के लिए नजदीकी सड़क, माइलस्टोन या पहचान वाली जगह की जानकारी दें।
चार्जिंग स्टेशन या मदद ढूंढने के लिए अकेले पैदल जंगल या सुनसान रास्ते पर निकलने से बचें। कार के पास रहना और आधिकारिक सहायता का इंतजार करना बेहतर है, खासकर रात के समय।
लंबी ट्रिप पर निकलने से पहले बैटरी, चार्जिंग स्टेशन और रूट चेक करें। कार की Roadside Assistance डिटेल सेव रखें और पावर बैंक साथ रखें। सबसे जरूरी बात बैटरी बेहद कम होने तक इंतजार करने के बजाय समय रहते चार्जिंग स्टेशन पर रुकें।