सिमरन सिंह
बुजुर्गों के लिए सबसे पहले स्मार्टफोन का इंटरफेस आसान करें।
Font Siz बड़ा करें
गैर-जरूरी ऐप्स हटाएं
जरूरी ऐप्स सामने रखें
Simple या Easy Mode ऑन करें
होम स्क्रीन पर सिर्फ जरूरी ऐप्स रखें। जैसे WhatsApp, Phone और YouTube जैसे ऐप्स को सामने रखें, ताकि उन्हें बार-बार ऐप ढूंढने की जरूरत न पड़े। बड़े आइकॉन से फोन चलाना भी आसान हो जाता है।
बुजुर्गों को हर चीज याद रहे, यह जरूरी नहीं है। इसलिए एक छोटी डायरी में हर काम के Step-by-step तरीके लिख दें। जैसे: WhatsApp → नाम चुनें → Video Call आइकॉन दबाएं चाहें तो स्क्रीनशॉट का प्रिंट भी चिपका सकते हैं।
छोटे-छोटे अक्षरों में टाइप करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में उन्हें Voice Typing सिखाएं। WhatsApp या Google में Mic बटन दबाकर बोलें और फोन आपकी आवाज को टेक्स्ट में बदल देगा।
जरूरी नंबरों को फोन की होम स्क्रीन पर Direct Dial Shortcut के रूप में सेट कर दें। अब दादा-दादी को कॉन्टैक्ट लिस्ट में नाम खोजने की जरूरत नहीं होगी। एक टैप और सीधे कॉल हो जाएगा।
टेक्नोलॉजी के साथ सुरक्षा भी जरूरी है। उन्हें साफ-साफ समझाएं:
अनजान लिंक पर क्लिक न करें
लॉटरी या इनाम वाले मैसेज से बचें
किसी को OTP या PIN न बताएं
फोन में Fingerprint या आसान Screen Lock जरूर सेट करें। साथ ही बुजुर्गों को बताएं कि बैंक, UPI या किसी जरूरी ऐप की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर नहीं करनी है।
अगर वे एक ही सवाल बार-बार पूछें तो गुस्सा न करें। उन्हें खुद फोन चलाने दें। गलती करने दें। फिर दोबारा समझाएं। खुद करके सीखने से आत्मविश्वास बढ़ता है।
जब दादा-दादी खुद कॉल करें, मैसेज भेजें या वीडियो कॉल करें तो उनकी तारीफ जरूर करें। छोटी-सी तारीफ उन्हें नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित करेगी।