प्रीति शर्मा
भारत के सियाचिन ग्लेशियर को हिमालय का ताज कहा जाता है।
यह काराकोरम का सबसे बड़ा ग्लेशियर है जो पूरे साल बर्फ से ढका रहता है।
सियाचिन ग्लेशियर कई नदियों का स्रोत है जो भारतीय उपमहाद्वीप के लिए ताजे पानी का भंडार है।
सियाचिन सिर्फ एक ग्लेशियर नहीं बल्कि हमारी सेना के शौर्य और राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक है।
यहां सर्दियों में तापमान -50 डिग्री सेल्सियस से -70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
जवानों को यहां फ्रॉस्टबाइट और बर्फीले तूफान जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
984 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन मेघदूत के तहत सियाचिन पर कब्जा जमाया था।
सियाचिन में दुश्मन से ज्यादा मौसम से लड़ते हुए हमारे कई जवान शहीद हुए हैं।