सिमरन सिंह
इसे Reactive TV Backlighting या Screen-Sync Lighting कहते हैं। यह टीवी पर दिख रहे रंगों के हिसाब से पीछे की दीवार पर रोशनी फैलाती है।
टीवी के पीछे LED स्ट्रिप या लाइट बार लगाया जाता है। एक सिंक सिस्टम स्क्रीन के रंग पहचानकर पीछे वैसी ही रोशनी दिखाता है।
कुछ सिस्टम टीवी के ऊपर या नीचे लगे कैमरे से स्क्रीन के रंग पहचानते हैं। इसके बाद LED लाइट उसी के मुताबिक रंग बदलती है।
यह बॉक्स HDMI वीडियो सिग्नल को पढ़कर लाइट्स के रंग नियंत्रित करता है। हालांकि, इसकी अनुकूलता आपके डिवाइस और वीडियो सिग्नल पर निर्भर करती है।
Philips Ambilight जैसे टीवी में स्क्रीन के रंगों के साथ पीछे की रोशनी बदलने की सुविधा बिल्ट-इन मिलती है। अलग LED स्ट्रिप की जरूरत नहीं पड़ती।
स्क्रीन के आसपास फैलती रंगीन रोशनी फिल्म, गेम और स्पोर्ट्स देखने के अनुभव को ज्यादा इमर्सिव बना सकती है।
अंधेरे कमरे में टीवी और आसपास की दीवार के बीच रोशनी का अंतर कम करने से देखने में आराम मिल सकता है। लेकिन यह आंखों की थकान खत्म होने की गारंटी नहीं है।
RGBIC LED स्ट्रिप में अलग-अलग हिस्से एक साथ अलग रंग दिखा सकते हैं। इससे टीवी के पीछे कई रंगों का इफेक्ट बनता है।
कुछ स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम म्यूजिक की बीट के अनुसार रंग और चमक बदलते हैं। यह सुविधा हर LED स्ट्रिप में उपलब्ध नहीं होती।
अपने टीवी का साइज, HDMI सपोर्ट, कैमरा या ऐप की जरूरत और लाइट सिंक की अनुकूलता जांचें। सही सिस्टम चुनने से घर पर ही बेहतर एम्बिएंट लाइटिंग सेटअप बनाया जा सकता है।