रीता राय सागर
आम के खट्टे-मीठे स्वाद वाली यह कैंडी बच्चों की फेवरेट थी। टिफिन ब्रेक में दोस्तों के साथ इसे बांटकर खाने का मजा ही अलग था।
अलग-अलग रंग और फलों के फ्लेवर वाली पॉपीन्स की गोलियां देखकर ही मन खुश हो जाता था। खाने से ज्यादा यह जानने में मजा आता था, कौन-सा रंग किसे मिलेगा।
पान के स्वाद वाली इस कैंडी का अपना अलग अंदाज था। इसका मीठा और हल्का मसालेदार फ्लेवर आज भी बचपन की याद दिलाता है।
इलायची के स्वाद वाली किस्मी टॉफी का मीठा स्वाद आसानी से भुलाया नहीं जा सकता। छोटी सी टॉफी भी उस समय बड़ी ट्रीट लगती थी।
बाहर से चॉकलेटी और अंदर से कैरेमल वाली मेलोडी का स्वाद बच्चों को खूब पसंद आता था। इसे खाते हुए चॉकलेट और टॉफी दोनों का मजा मिलता था।
क्रीमी और कैरेमल जैसे स्वाद वाली यह कैंडी लंबे समय तक मुंह में घुलती रहती थी। इसकी एक कैंडी मिल जाए तो खुश हो जाते थे।
सिगरेट जैसी दिखने वाली सफेद मीठी कैंडी अपने अनोखे आकार के कारण बच्चों के बीच चर्चा में रहती थी। इसका पैकेट भी काफी अलग हुआ करता था।
खट्टी-मीठी इमली की गोली खाने के लिए बच्चों को अलग से बहाना नहीं चाहिए था। इसका चटपटा स्वाद मुंह में पानी भर देता था।
कच्चे आम के खट्टे स्वाद वाली कैंडी गर्मियों की खास यादों में शामिल थी। इसका चटपटा स्वाद खाते ही मुंह बन जाता था, लेकिन मन नहीं भरता था।
संतरे के स्वाद वाली नारंगी रंग की कैंडी भी बचपन की फेवरेट कैंडी में से एक थी। इसे धीरे-धीरे चूसते हुए खाने का अपना अलग मजा था।