रीता राय सागर
बहुत टाइट या ढीली फिटिंग कपड़ों के ऊपर लुक खराब कर सकती है। सही साइज चुनना कंफर्ट और फिटिंग दोनों के लिए जरूरी है।
अगर कंधे पर स्ट्रैप के निशान पड़ रहे हैं या बार-बार असहज महसूस हो रहा है तो फिटिंग चेक करें। स्ट्रैप ऐसा हो जो सपोर्ट दे।
डीप नेक, ऑफ-शोल्डर और बैकलेस आउटफिट के लिए सामान्य डिजाइन हमेशा सही नहीं बैठता। कपड़े की नेकलाइन और कट के हिसाब से इनर लेयर का चयन करें।
सफेद या पेस्टल कपड़ों में अंदर की लेयर का रंग उभर सकता है। ऐसे आउटफिट के साथ रंग और फैब्रिक का चुनाव सोच-समझकर करें। न्यूड कलर हर आउटफिट के लिए सेफ है।
बहुत मोटी किनारी या गलत फिटिंग वाले इनरवियर की लाइन फिटेड ड्रेस के ऊपर नजर आ सकती है। बॉडी-फिटिंग आउटफिट के साथ स्मूद फिनिश वाली लेयर बेहतर रहती है।
समय के साथ इलास्टिक और फैब्रिक की पकड़ कमजोर हो जाती है। अगर कपड़े पहनने के बाद सपोर्ट या फिट पहले जैसा महसूस नहीं हो रहा, तो उसे बदल दें।
कंधे, पीठ या त्वचा पर लगातार दबाव महसूस हो तो उसे नजरअंदाज न करें। सही फिटिंग का मतलब ऐसा सपोर्ट है जिसमें आप लंबे समय तक आराम से रह सकें।
सही साइज, आरामदायक फिटिंग और आउटफिट के हिसाब से सही स्टाइल जैसी छोटी बातों से आपका पूरा लुक ज्यादा साफ और बेहतर नजर आ सकता है।
तैयार होने के बाद शीशे में आगे और साइड से अपना आउटफिट जरूर देखें। कंधे, नेकलाइन और कपड़े की स्मूद फिटिंग पर ध्यान दें।