सिमरन सिंह
इस स्कैम में जालसाज पहले आपके बैंक खाते में थोड़ी रकम भेजते हैं। फिर गलती से पैसे ट्रांसफर होने का बहाना बनाकर रकम वापस मांगते हैं।
खाते में अचानक पैसे आने के बाद ठग फोन या मैसेज कर सकते हैं। वे दावा करते हैं कि रकम गलती से भेजी गई है और उसे तुरंत लौटाने की जरूरत है।
ठग UPI पेमेंट रिक्वेस्ट भेजकर आपसे उसे मंजूर करने को कह सकते हैं। यह रकम खाते में आए पैसों से ज्यादा हो सकती है।
अगर आप बड़ी रकम वाली UPI रिक्वेस्ट को मंजूरी दे देते हैं, तो आपके खाते से पैसे कट सकते हैं। किसी भी अनजान पेमेंट रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें।
जालसाज जल्दबाजी, इमोशनल दबाव या आपात स्थिति का हवाला दे सकते हैं। उनका मकसद आपको बिना सोचे-समझे पेमेंट करने के लिए मजबूर करना है।
सबसे पहले अपने बैंक से आधिकारिक नंबर या शाखा के जरिए संपर्क करें। रकम की जांच कराएं और वापसी की प्रक्रिया बैंक के माध्यम से पूरी करें।
अगर कॉल या मैसेज पर ठगी का शक हो, तो जवाब देने से बचें। संदिग्ध नंबर को ब्लॉक करें और मामले की जानकारी अपने बैंक को दें।
SBI की सलाह के मुताबिक, 1600 से शुरू होने वाले नंबरों की जानकारी पर ध्यान दें। लेकिन केवल नंबर देखकर कॉल को असली न मानें। किसी भी संदिग्ध कॉल की पुष्टि बैंक के आधिकारिक चैनल से करें।
अनजान UPI रिक्वेस्ट मंजूर न करें।
खाते में आई रकम की पुष्टि बैंक से करें।
ठगी का शक होने पर तुरंत बैंक को सूचित करें।
याद रखें: पैसे प्राप्त होने और पैसे भेजने की मंजूरी देना अलग-अलग बातें हैं। किसी के दबाव में आकर ट्रांजैक्शन न करें।