रीता राय सागर
सेहत, वजन, पाचन और वर्कआउट के लिए केला या बनाना शेक, जिम के बाद सीधा केला खाना बेहतर है या दूध के साथ इसका शेक बनाकर पीना।
केले में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पोटैशियम और विटामिन बी6 जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। इसमें मौजूद फाइबर और पेक्टिन पाचन और आंतों के लिए फायदेमंद हैं। वहीं बनाना शेक में केले के साथ दूध जुड़ जाता है, जिससे प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भी मिलते हैं।
केला फाइबर का अच्छा सोर्स है और इसमें पोटैशियम के साथ कार्बोहाइड्रेट भी होते हैं, जो शरीर को एनर्जी देने में मदद करते हैं। केले में मौजूद फाइबर बावेल मूवमेंट को सपोर्ट करता है।
केले को दूध के साथ लेने पर कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन और कैल्शियम भी मिलते हैं। यही वजह है कि बनाना शेक एक कैलोरी रिच स्नैक है।
अगर आपका लक्ष्य कैलोरी इंटेक को बढ़ाना है, तो दूध और केले से बना शेक एक केले की तुलना में ज्यादा कैलोरी देता है। खासकर जिन लोगों की एपेटाइट कम है, उनके लिए लिक्विड फॉर्म में कैलोरी लेना आसान तरीका है।
केला अपने आप में वजन बढ़ाने वाला फूड नहीं है। लेकिन बनाना शेक में हाई कैलोरी टॉपिंग डालकर इसके कैलोरी कंटेंट को बढ़ाया जा सकता है।
वर्कआउट से पहले केला खाना एक आसान तरीका हो सकता है। साथ ही यह वर्कआउट के दौरान एनर्जी को बनाए रखता है। एक होलसम फ्रूट होने की वजह से केला से भरपूर फाइबर भी मिलता है।
वर्कआउट के बाद शरीर को कार्ब्स के साथ प्रोटीन की भी जरूरत होती है। दूध और केले से बना शेक एक बैलेंस्ड पोस्ट वर्कआउट मील हो सकता है।
बनाना शेक को हेल्दी बनाए रखने के लिए इसमें शुगर, आइसक्रीम और चॉकलेट सिरप डालने से बचें। सीमित मात्रा में नट्स या सीड्स ऐड किया जा सकता है। अगर दूध पीने के बाद आपको ब्लोटिंग या पेट में डिस्कंफर्ट महसूस होता है, तो बनाना शेक आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
अगर आपका लक्ष्य गट हेल्थ, फाइबर और आसान स्नैक है, तो आपके लिए केला बेहतर है और अगर आपका लक्ष्य कैलोरी बढ़ाना, प्रोटीन और कैल्शियम कंज्यूम करना है, तो बनाना शेक अच्छा विकल्प है।