प्रीति शर्मा
आजकल लोग घंटो कुर्सी पर बैठे रहते हैं जिसकी वजह से ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है।
मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं और शरीर का प्राकृतिक स्टैमिना पूरी तरह खत्म हो जाता है।
रात को 12 से 1 बजे तक स्क्रीन देखना और सुबह थका हुआ उठना आम हो गया है।
जिसकी वजह से शरीर की मरम्मत रुक जाती है और सुबह कमजोरी महसूस होती है।
जंक फूड, मैदा और पैकेट बंद खाने में सिर्फ कैलोरी होती है और पोषण नहीं होती है।
इस तरह का खाना खाने से शरीर में ब्लोटिंग और आलस पैदा होता है।
दिनभर पानी न पीने की आदत से शरीर में सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है।
इन्हीं गलत आदतों की वजह से शरीर में अक्सर कमजोरी और थकान महसूस होती है।