सुनीता पांडे
बारिश के मौसम में अक्सर लोगों को पेट दर्द, उल्टी, दस्त और जी मिचलाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह सब फूड पॉइजनिंग का नतीजा है।
किचन में गंदगी के कारण बैक्टीरिया और वायरस को पनपने का मौका मिलता है। इसलिए किचन में बर्तन, चाकू और अन्य चीजों को समय-समय पर साफ करते रहें।
बारिश में खाना ठीक से पकाकर ही खाएं। ठीक से पकाए गए खाने में कीटाणु मर जाते हैं, जिससे आप फूड पॉइजनिंग का शिकार होने से बच सकते हैं।
फलों और सब्जियों को अच्छे से साफ करें ताकि उन पर मौजूद बैक्टीरिया आपके शरीर में प्रवेश न कर सकें।
बारिश के मौसम में फलों और सब्जियों पर वायरस और बैक्टीरिया आसानी से चिपक जाते हैं, जो आपके लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।
पहले से कटे फल भी न खाएं, क्योंकि इन फलों पर भी बैक्टीरिया चिपकने का खतरा रहता है।
स्ट्रीट फूड से दूरी बना लें, क्योंकि सड़क के किनारे मिलने वाले स्ट्रीट फूड में बैक्टीरिया मौजूद होने का खतरा ज्यादा होता है।
मानसून के दौरान किसी भी तरह के बाहरी खाने से बचने की कोशिश करें।
बासी खाना न खाएं, इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि मौसम की नमी के कारण बैक्टीरिया खाने में चिपक जाते हैं।