Aapta Leaves: दशहरे पर क्यों बाँटते हैं आपटा के पत्ते? जानिए सोनपत्ता का महत्व और इतिहास

अंकिता पटेल

दशहरे पर पत्ता बन जाता है सोना

विजयादशमी के दिन कई घरों में एक हरे पत्ते को सोना कहकर बाँटा जाता है। यह है आपटा, जिसे सोनपत्ता भी कहते हैं। जानिए इसका महत्व, इससे जुड़ी कथा और दशहरे की मान्यताएँ।

सोनपत्ता | Source: Pinterest

क्या है आपटा?

आपटा एक मध्यम आकार का पेड़ है, जिसका वानस्पतिक नाम बौहिनिया रेसिमोसा है। इसकी पत्तियाँ दो पालियों में बँटी होती हैं। मराठी में आपटा, तो मध्य भारत के कई हिस्सों में यह सोनपत्ता कहलाता है।

क्या है आपटा? | Source: Pinterest

दशहरे पर क्या है परंपरा?

विजयादशमी के दिन लोग आपटा के पत्ते एक-दूसरे को देकर शुभकामनाएँ देते हैं। बड़ों के पैर छूकर पत्ते अर्पित किए जाते हैं। मराठी भाषा में प्रचलित कहावत का भाव है, "सोना लो, सोने जैसे बने रहो।"

दशहरे पर क्या है परंपरा? | Source: Pinterest

कौत्स और रघु की कथा

लोककथा के अनुसार ऋषि वरतंतु के शिष्य कौत्स गुरुदक्षिणा चुकाने के लिए अयोध्या के राजा रघु के पास पहुँचे। राजा का खजाना खाली था, इसलिए उन्होंने कुबेर से सहायता माँगी। माना जाता है कि कुबेर ने शमी और आपटा के पेड़ों पर सोने की मुहरों की वर्षा की।

आपटा के पेड़ों की कथा | फोटो सोर्स- AI

शमी और आपटा

शमी का पेड़ पांडवों की कथा से जुड़ा है। माना जाता है कि अज्ञातवास में उन्होंने अपने अस्त्र-शस्त्र शमी के पेड़ पर छिपाए थे और विजयादशमी के दिन उसकी पूजा कर उन्हें वापस लिया।

शमी और आपटा | फोटो सोर्स- AI

गाँव की सीमा के पार

दशहरे की शाम कई जगह लोग गाँव या नगर की सीमा तक जाते हैं, इसे सीमोल्लंघन कहते हैं। माना जाता है कि मराठा काल में सेनाएँ विजयादशमी के बाद अभियान पर निकलती थीं।

गाँव की सीमा के पार | फोटो सोर्स- AI

पत्ते से जुड़े रोज के उपयोग

आपटा को अंग्रेज़ी में "बीड़ी पत्ता वृक्ष" भी कहा जाता है, क्योंकि इसके पत्ते बीड़ी लपेटने में इस्तेमाल होते रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में इसकी पत्तियाँ पत्तल बनाने और पशुओं के चारे के काम भी आती हैं।

पत्ते से जुड़े रोज के उपयोग | Source: Pinterest

पत्ते से जुड़ी मान्यताएँ

माना जाता है कि आपटा के पत्ते देने-लेने से सुख, समृद्धि और आपसी प्रेम बढ़ता है। कई परिवार पत्तों को पूजा स्थल पर, तिजोरी में या घर के दरवाज़े पर शुभ चिह्न के रूप में रखते हैं।

पत्ते से जुड़ी मान्यताएँ | Source: Pinterest

पेड़ को बचाते हुए निभाएँ परंपरा

हर साल त्योहार पर पत्तों की माँग बढ़ने से पेड़ों की टहनियाँ तोड़ दी जाती हैं। इससे पेड़ को नुकसान पहुँचता है। जरूरत भर के कुछ पत्ते ही तोड़ें, टहनी न काटें और हो सके तो नया पौधा लगाएँ।

पेड़ को बचाते हुए निभाएँ परंपरा | फोटो सोर्स- AI

सोने जैसे बने रहिए

आपटा का पत्ता भले ही सोना न हो, पर उसके साथ दिया गया संदेश सोने से कम नहीं। अपनों को पत्ता दीजिए और प्रेम, सम्मान तथा अच्छाई की जीत का संकल्प भी लीजिए।

आपटा का पत्ता | फोटो सोर्स- AI

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