अंकिता पटेल
कम जगह में भी बालकनी को सुंदर बनाया जा सकता है। शुरुआत करें तुलसी से, जो सजावट के साथ आस्था और औषधीय परंपरा से भी जुड़ी है। इसे रोज कुछ घंटे धूप दें।
गुलाब बालकनी की शान बढ़ाता है। मिनी या पॉट रोज़ जैसी छोटी किस्में गमले में अच्छी चलती हैं। इसे दिन में कम से कम 5 से 6 घंटे धूप और समय पर कटाई-छँटाई चाहिए।
पीले और नारंगी फूलों वाला गेंदा आसानी से उगता है और बालकनी में रौनक भर देता है। इसकी देखभाल सरल है और इसे अच्छी धूप चाहिए। मुरझाए फूल हटाते रहें, ताकि नए फूल आएँ।
मोटी, गूदेदार पत्तियों वाला एलोवेरा कम देखभाल में पनपता है। इसे तेज़ रोशनी और कम पानी चाहिए। मिट्टी पूरी तरह सूखने पर ही पानी दें, क्योंकि ज्यादा पानी से जड़ें सड़ सकती हैं।
मनी प्लांट हैंगिंग गमले या बोतल में खूब सुंदर लगता है और बालकनी की छत या दीवार को हरा रूप देता है। यह सीधी तेज धूप के बजाय अप्रत्यक्ष रोशनी में बेहतर रहता है।
पुदीना छोटे गमले में तेजी से फैलता है और चाय, चटनी व शरबत का स्वाद बढ़ा देता है। इसे हल्की धूप और नम मिट्टी चाहिए। इसे अलग गमले में लगाएँ, क्योंकि यह दूसरे पौधों की जगह घेर सकता है।
छायादार या कम धूप वाली बालकनी के लिए पीस लिली अच्छा विकल्प है। गहरी हरी पत्तियों के बीच सफेद फूल सुंदर दिखते हैं। पत्तियाँ झुकने लगें, तो पानी दें।
पोर्चुलाका कम पानी और तेज़ धूप में भी रंग-बिरंगे फूल देता है। यह जमीन पर फैलने वाला पौधा है, इसलिए छोटे गमले या हैंगिंग बास्केट में सुंदर लगता है। सुबह की धूप में फूल ज्यदा खिलते हैं।
पतली, धारीदार पत्तियों और लटकती शाखाओं वाला स्पाइडर प्लांट हैंगिंग गमले के लिए बढ़िया है। इसे अप्रत्यक्ष रोशनी और सीमित पानी चाहिए। आमतौर पर इसे पालतू जानवरों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।
पंखों जैसी पत्तियों वाला एरिका पाम बालकनी को रिसॉर्ट जैसा रूप देता है। इसे तेज़ अप्रत्यक्ष रोशनी और नियमित पानी चाहिए। गमलों में जल निकासी का ध्यान रखें और पौधों को ऊँचाई के हिसाब से सजाएँ।