अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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ट्रंप ने ईरान हमले से पहले लिया बड़ा एक्शन...खामेनेई के करीबी 18 लोगों को किया बैन, लगाया ये आरोप

Iran Crisis: ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने 18 ईरानी अधिकारियों और शिपिंग, ट्रेडिंग व एनर्जी कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाते हुए मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया है।

अक्षय साहू

US New Sanctions on Iran: ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने गुरुवार को तेहरान के खिलाफ एक बार फिर कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि ये नए प्रतिबंध उन ईरानी अधिकारियों, संस्थाओं और कंपनियों पर लगाए गए हैं, जिन पर प्रदर्शनों को हिंसक तरीके से दबाने और देश की तेल व पेट्रोकेमिकल आय का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप हैं।

ट्रंप प्रशासन ने कुल 18 ईरानी अधिकारियों को प्रतिबंधों की सूची में शामिल किया है। अमेरिका का आरोप है कि ये अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती और हिंसा के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। साथ ही इन पर तेल और पेट्रोकेमिकल से होने वाली अरबों डॉलर की कमाई को अवैध तरीकों से विदेश भेजने और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है।

ट्रंप के निर्देश पर लिया गया फैसला

अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ये प्रतिबंध राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर लगाए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका आजादी और न्याय की मांग कर रहे ईरानी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, इन प्रतिबंधों के दायरे में ईरान की सुप्रीम काउंसिल फॉर नेशनल सिक्योरिटी के सचिव, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और कानून प्रवर्तन बलों के कई वरिष्ठ कमांडर भी शामिल हैं।

इसके अलावा अमेरिका ने फरदिस जेल पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि इस जेल में महिलाओं को क्रूर, अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ा है। स्कॉट बेसेंट ने अपने बयान में ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए कहा, “ईरानी नेता डूबते जहाज पर चूहों की तरह ईरानियों का पैसा चुरा कर दुनिया के बैंकों और वित्तीय संस्थानों में छिपा रहे हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय इस पूरे नेटवर्क से अच्छी तरह वाकिफ है। हम आप पर और आपके सहयोगियों पर नजर रख रहे हैं।”

किन लोगों की किया बैन

प्रतिबंधों की सूची में ईरान की सुप्रीम काउंसिल फॉर नेशनल सिक्योरिटी के सचिव अली लारीजानी का नाम भी शामिल है। अमेरिका का आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए थे। इन प्रतिबंधों के तहत अमेरिका में मौजूद संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं की संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं और अमेरिकी नागरिकों को उनके साथ किसी भी प्रकार का व्यापार करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

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