Operation Hawkeye Strike: अमेरिकी सेना ने सीरिया में सक्रिय आतंकी संगठन ISIS के बचे हुए नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से अपनी सैन्य कार्रवाई को और अधिक भीषण कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 3 फरवरी से 12 फरवरी 2026 के बीच अमेरिकी बलों ने सीरिया में 10 सटीक और घातक हवाई हमले किए।
इन अभियानों के दौरान ISIS से जुड़े 30 से अधिक ठिकानों को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन हमलों का उद्देश्य आतंकियों के ठिकानों, हथियार भंडारों और लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम को कमजोर करना था ताकि संगठन दोबारा संगठित न हो सके।
इन सैन्य ऑपरेशनों में लड़ाकू विमानों रोटरी-विंग विमानों और मानवरहित ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। अमेरिकी सेना ने 'प्रिसिजन म्यूनिशन' (सटीक निशाना लगाने वाले हथियार) का उपयोग करते हुए ISIS के हथियारों के भंडारण केंद्रों और उनके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। इससे पहले 27 जनवरी से 2 फरवरी के बीच भी अमेरिकी सेना ने 5 हमले किए थे जिनमें आतंकियों के संचार केंद्रों और रसद केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचाया गया था।
यह पूरी सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक' के तहत की जा रही है। इस विशेष ऑपरेशन को 13 दिसंबर 2025 को पलमीरा में अमेरिकी और सीरियाई बलों पर हुए हमले के जवाब में शुरू किया गया था। उस समय ISIS के घात लगाकर किए गए हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी अनुवादक शहीद हो गए थे।
पिछले दो महीनों से चल रहे लक्षित सैन्य अभियान के प्रभावशाली नतीजे सामने आए हैं। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 50 से ज्यादा Islamic State आतंकियों को या तो मार गिराया गया है या गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा संगठन से जुड़े 100 से अधिक ठिकानों और ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया है।
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कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया जिससे आतंकी नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा है। Pentagon के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आतंकियों को दोबारा संगठित होने से रोकने के लिए सैन्य दबाव लगातार बनाए रखा जाएगा।