US Trump Tariffs Campaign: ट्रंप प्रशासन के साथ ट्रेड वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका और कनाडा के बीच छिड़ा 'ट्रेड वॉर' अब चरम पर पहुंच गया है। वाशिंगटन में बातचीत असफल होने के बाद कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने अमेरिकी उत्पादों पर भारी जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है।
कनाडा के प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि अमेरिका उनके देश को अपनी सब्सिडियरी यानी एक अधीन इकाई बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बेहद तीखे लहजे में वाशिंगटन को चेतावनी देते हुए साफ कह दिया कि कनाडा कोई अमेरिका का गुलाम नहीं है।
कनाडाई पीएम ने स्पष्ट किया कि उनका देश अब डॉलर के बदले डॉलर यानी बराबर के जवाबी टैरिफ लगाने की नीति से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कनाडा के श्रमिकों और व्यवसायों की सुरक्षा के लिए उनकी सरकार बेहद गंभीर है और इसके लिए लक्षित कदम उठाएगी।
कार्नी ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रखी गई सभी व्यापारिक शर्तें पूरी तरह से अनुचित थीं और वे कनाडाई हितों के खिलाफ थीं। उनका मानना है कि अगर वाशिंगटन अपने भारी टैरिफ में कमी करता है, तो कनाडा भी अमेरिकी वाहनों से तुरंत जवाबी कर हटा लेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस व्यापारिक विवाद को और हवा देते हुए कनाडा के मौजूदा नेतृत्व को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कनाडाई नेताओं को रास्ते पर आने की हिदायत देते हुए कहा कि अगर वे नहीं सुधरे तो बहुत बुरे नतीजे भुगतने होंगे।
ट्रंप ने करीब 20 अरब डॉलर मूल्य के कनाडाई वाहनों, ऑटो पार्ट्स और स्टील पर 50 प्रतिशत तक का नया टैरिफ लगाने की धमकी दी है। यह नया कर अगले साल से लागू होने की उम्मीद है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में भारी तनाव पैदा हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कनाडाई पीएम पर हमले करते हुए उन पर तंज कसा और सालों से अमेरिका को लूटने का बेबुनियाद आरोप लगाया। इस विवाद के बीच ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने भी ट्रंप के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का समर्थन किया।
डग फोर्ड ने कहा कि कनाडाई नागरिक अमेरिकी दबाव के आगे झुकने के बजाय हर तरह का आर्थिक दर्द सहन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बड़े आर्थिक युद्ध में कनाडा का हर नागरिक एकजुट है और वह देश की संप्रभुता के लिए लड़ेगा।