Trump US Elections News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2020 चुनाव को लेकर किए गए दावों ने देश की राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने हाल ही में आरोप लगाया कि चीन के वोटरों का डेटा हैक किया गया और रूस-ईरान ने सेंधमारी की। इन बयानों के बाद कई बड़े अमेरिकी नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपनी नाकामियों से लोगों का सच्चाई से ध्यान भटकाना चाहते हैं।
अमेरिका में जल्द ही मिड टर्म चुनाव होने वाले हैं, जिससे पहले देश में राजनीतिक बयानबाजी काफी तेज हो गई है। कमला हैरिस ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 2020 का चुनाव चोरी नहीं हुआ था, बल्कि रिपब्लिकन हार गए थे। उन्होंने सेव एक्ट को वोटरों को दबाने और जनता से उनकी पावर छीनने का एक बहुत बड़ा एजेंडा बताया। हैरिस ने आरोप लगाया कि ट्रंप सरकार ने लोगों की बुनियादी सुविधाओं और महंगाई कम करने के लिए कुछ नहीं किया।
कमला हैरिस ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चुनाव में अपनी हार के डर से जनता को भ्रमित कर रहे हैं। ट्रंप चाहते हैं कि जनता का इलेक्टोरल सिस्टम पर से भरोसा पूरी तरह खत्म हो जाए और वे वोट न दें। हैरिस ने बताया कि अगर अमेरिकी लोग भारी संख्या में मतदान करेंगे तो रिपब्लिकन पार्टी की हार निश्चित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस भ्रष्ट सरकार को रोकने के लिए मतदान करना हमारा सबसे जरूरी और अहम कदम है।
अमेरिकी रिप्रजेंटेटिव नैंसी पेलोसी ने डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर एक हारा हुआ इंसान करार दिया है। सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने कहा कि ट्रंप जनता का खर्च कम करने के बजाय छह साल पुराने झूठ बोल रहे हैं। डेमोक्रेट नेता हकीम जेफरीज ने ट्रंप को 80 साल का एक नाकाम और पागल प्रेसिडेंट बताकर कड़ी आलोचना की। जेफरीज ने यह भी कहा कि इस आदमी के राज में अमेरिका की आर्थिक हालत बहुत ही ज्यादा खराब हो गई है।
कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने एपस्टिन फाइल का मुद्दा उठाते हुए ट्रंप पर बहुत गंभीर सवाल खड़े किए। न्यूसम ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप हमारे अमेरिकी लोकतंत्र के लिए इस समय सबसे बड़ा और गंभीर खतरा हैं। उन्होंने इसे कानून का राज नहीं बल्कि डॉन का राज बताया और जनता से इस पागल राजा के आगे न झुकने की अपील की। एरिजोना के सीनेटर मार्क केली ने कहा कि ट्रंप के लिए चुनाव जीतना निष्पक्ष है और हारना धांधली है।
यह भी पढ़ें: नेपाल में बुलडोजर एक्शन के बाद आत्मदाह से मचा हड़कंप; पीएम बालेन शाह के खिलाफ खड़े हुए Gen Z युवा
सीनेटर जॉन ओसोफ्फ ने कहा कि मैंने एक हताश राष्ट्रपति को सुना जो अपनी शर्म और हार के डर पर ध्यान दे रहा है। ट्रंप 2020 की तरह ही हमारे वोटों को खत्म करने और सत्ता पर कब्जा करने की अपनी पुरानी कोशिश कर रहे हैं। सीनेटर राफेल वार्नॉक ने भी तंज कसते हुए कहा कि छह साल बाद भी ट्रंप अपनी पुरानी हार को भूल नहीं पाए हैं। वार्नॉक ने सलाह दी कि इस मानसिक स्थिति के लिए ट्रंप को किसी अच्छे थेरेपिस्ट से जरूर बात करनी चाहिए।