सांकेतिक तस्वीर Source- Social Media
विदेश

Tibet Earthquake: तिब्बत में धरती कांपी, रिक्टर स्केल पर 7 आंकी गई तीव्रता

Tibet Earthquake: तिब्बत में 22 अक्टूबर को 7.0 तीव्रता का भूकंप आया। शुरुआती रिपोर्टों में बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर रही।

अर्पित शुक्ला

Highlights

  • तिब्बत में गुरुवार को 7.0 तीव्रता का भूकंप आया।

  • भूकंप की गहराई 10 किमी थी।

  • शुरुआती जानकारी में बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई थी।

Tibet Earthquake: चीन के तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार, 22 अक्टूबर को 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागचू क्षेत्र में था। यह इलाका तिब्बत की राजधानी ल्हासा से करीब 400 किलोमीटर दूर है। भूकंप के बाद तत्काल बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई थी।

पहले भी आ चुके हैं भूकंप

तिब्बत और नेपाल के आसपास का क्षेत्र भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इससे पहले 7 जनवरी 2025 को तिब्बत में शक्तिशाली भूकंप आया था। इसकी तीव्रता को चीन के अधिकारियों ने 6.8 दर्ज किया था। इस आपदा में 126 लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में इमारतों को नुकसान पहुंचा था।

नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास भूकंप के अलावा भूस्खलन, हिमस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बना रहता है। हालांकि, 26 अगस्त को आई बाढ़ और उससे जुड़े नुकसान के आंकड़ों को प्रकाशित करने से पहले संबंधित आधिकारिक रिपोर्ट से पुष्टि करना जरूरी है।

तिब्बत क्षेत्र में क्यों आते हैं भूकंप?

तिब्बत और हिमालय का इलाका भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने के कारण भूकंपीय रूप से सक्रिय है। भारतीय प्लेट उत्तर की ओर बढ़ते हुए यूरेशियन प्लेट के नीचे दबाव पैदा करती है। इसी भूगर्भीय प्रक्रिया से हिमालय का निर्माण हुआ और आज भी इस क्षेत्र में तनाव जमा होता रहता है।

जब चट्टानों में जमा तनाव अचानक बाहर निकलता है, तो भूकंप आता है। यही वजह है कि हिमालयी क्षेत्र और तिब्बती पठार के आसपास समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। इनकी तीव्रता और गहराई के आधार पर आसपास के इलाकों में नुकसान का स्तर अलग-अलग हो सकता है।

तिब्बती पठार क्यों है अहम?

तिब्बती पठार एशिया के प्रमुख नदी तंत्रों के लिए महत्वपूर्ण है। ब्रह्मपुत्र सहित कई नदियों का जलग्रहण क्षेत्र इस व्यापक भूभाग से जुड़ा है। इस क्षेत्र में भूकंप और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक घटनाएं स्थानीय आबादी, बुनियादी ढांचे और नदी घाटियों के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।फिलहाल भूकंप से हुए नुकसान और संभावित जनहानि को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

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