Sergey Lavrov UNGA Statement: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए अपने विशेष सैन्य अभियान को निलंबित नहीं करेगा।
यूनाइटेड किंगडम स्थित रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विदेश मंत्री लावरोव के इस बयान की पुष्टि की। लावरोव ने कहा कि पिछले कड़वे अनुभवों से सीख लेते हुए रूस बातचीत के दौरान सैन्य कार्रवाई में कोई विराम नहीं लेगा।
लावरोव ने कहा कि रूस बातचीत को केवल अस्थायी युद्धविराम तक सीमित करने के बजाय ऐसे समझौते पर केंद्रित करना चाहता है, जो संघर्ष का स्थायी समाधान दे। उन्होंने अपने रुख के समर्थन में रूस के पिछले अनुभवों का हवाला दिया।
रूसी विदेश मंत्री ने यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया कि वे युद्धविराम का इस्तेमाल यूक्रेन को अपनी सैन्य क्षमताएं और हथियारों का भंडार बढ़ाने के लिए समय देने के उद्देश्य से करना चाहते हैं। यह यूरोपीय देशों के रुख पर लावरोव की ओर से किया गया दावा है।
लावरोव ने अगस्त 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई एंकरेज बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस बैठक के बाद ट्रंप ने भी अस्थायी युद्धविराम के बजाय लंबे समय तक चलने वाले शांति समझौते की जरूरत पर जोर दिया था।
लावरोव के अनुसार रूस भी इसी दिशा में बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मॉस्को का लक्ष्य ऐसा समझौता हासिल करना है जो यूक्रेन में संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त कर सके।
रूसी विदेश मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के सलाहकार जारेड कुशनर की मॉस्को यात्रा का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक दोनों अमेरिकी प्रतिनिधियों ने रूस के साथ समझौता कराने में वाशिंगटन की रुचि की पुष्टि की।
विटकॉफ और कुशनर ने 5 सितंबर को मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी और अगले दिन कीव जाकर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से बातचीत की थी। इसके बाद 8 सितंबर को ट्रंप और पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।
लावरोव ने यूक्रेन को यूरोपीय देशों की ओर से मिल रही वित्तीय और सैन्य सहायता की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय समर्थन संघर्ष को लंबा खींच सकता है।
साथ ही उन्होंने यूक्रेन संघर्ष के समाधान में रूस की बताई गई प्राथमिकताओं पर जोर दिया। संयुक्त राष्ट्र में उनका बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और अन्य पक्ष बातचीत दोबारा शुरू कराने की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन युद्धविराम और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।