UNGA Meeting: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि भारत और कनाडा अपने रिश्तों को 'एक नए और ऊंचे स्तर पर ले जाने' की तैयारी कर रहे हैं। इस मुलाकात में दोनों देश अपने कूटनीतिक रिश्तों में आई नई शुरुआत को आगे बढ़ाने और हाल के उच्चस्तरीय संपर्कों को व्यापार, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े समझौतों में बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं।
एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यूएनजीए-81 के दौरान कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मिलकर खुशी हुई है। हमारे बीच अच्छी और सार्थक बातचीत हुई। हम दोनों देशों के रिश्तों को एक ऊंचे स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।” जयशंकर ने मुलाकात की तस्वीरें और एक छोटा वीडियो भी पोस्ट किया। हालांकि, दोनों में से किसी भी पक्ष ने तुरंत यह नहीं बताया कि बैठक में किन खास मुद्दों पर चर्चा हुई या कोई नया समझौता हुआ या नहीं।
जयशंकर के बयान को दोनों देशों के रिश्तों में एक और कदम आगे बढ़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले एक साल में भारत-कनाडा संबंधों में बड़ा बदलाव आया है। दोनों देशों ने फिर से वरिष्ठ स्तर पर कूटनीतिक बातचीत शुरू की है और आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के लिए कई व्यवस्थाएं बनाई हैं। अक्टूबर 2025 में अनीता आनंद की भारत यात्रा के दौरान भारत और कनाडा ने मिलकर एक साझा रोडमैप की घोषणा की थी। इसके बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस साल की शुरुआत में मुंबई और नई दिल्ली की यात्रा की।
पीएम कार्नी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए एक बड़ा एजेंडा तय किया। दोनों नेताओं ने सुरक्षा और रक्षा सहयोग के साथ-साथ व्यापारिक साझेदारी को बढ़ाते हुए नए रणनीतिक रिश्तों को आगे ले जाने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने 2026 में कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) पर बातचीत पूरी करने की भी प्रतिबद्धता जताई। कनाडा का कहना है कि इस प्रस्तावित व्यापार समझौते का मकसद 2030 तक दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार को 70 अरब डॉलर तक पहुंचाने में मदद करना है।
इस बातचीत में वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार, निवेश, कृषि और कृषि से जुड़े खाद्य उत्पाद, डिजिटल व्यापार, लोगों की आवाजाही और टिकाऊ विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। दोनों देशों ने एक रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी की भी घोषणा की है। इसमें एलएनजी, एलपीजी, यूरेनियम, सौर ऊर्जा और हाइड्रोजन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। व्यापार के मामले में एक बड़ी उपलब्धि 2.6 अरब डॉलर का समझौता रही। इसके तहत कनाडा की कंपनी कैमेको 2027 से 2035 के बीच परमाणु बिजली उत्पादन के लिए भारत को करीब 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम की सप्लाई करेगी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)