इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

यूरेनियम संवर्धन प्रक्रिया रोकना काफी नहीं...ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नेतन्याहू सख्त, रखी ये बड़ी शर्त

Iran Nuclear Agreement: इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते में ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करना चाहिए, न कि सिर्फ संवर्धन प्रक्रिया को रोकना।

अक्षय साहू

Netanyahu on US-Iran Nuclear Deal: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपनी हालिया मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच किसी भी संभावित परमाणु समझौते में ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करना अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल यूरेनियम संवर्धन प्रक्रिया को रोकना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उन सभी उपकरणों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी खत्म किया जाना चाहिए, जो संवर्धन की अनुमति देते हैं।

अमेरिका के प्रमुख यहूदी संगठनों के वार्षिक सम्मेलन में बोलते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें इस समझौते पर संदेह है, लेकिन यह जरूरी है कि ईरान से समृद्ध (एनरिच्ड) सामग्री को बाहर ले जाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान में किसी भी प्रकार की संवर्धन क्षमता नहीं होनी चाहिए और संवर्धन प्रक्रिया को रोकने के बजाय, उसके लिए जरूरी उपकरणों और बुनियादी ढांचे को नष्ट करना चाहिए।

इसी हफ्ते होगी दूसरे दौर की वार्ता

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का दूसरा दौर इस सप्ताह होने वाला है। रविवार को एक ईरानी राजनयिक के हवाले से बताया गया कि ईरान अमेरिका के साथ एक नया परमाणु समझौता करने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे दोनों देशों को आर्थिक लाभ मिल सके। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान ने इस महीने की शुरुआत में तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दशकों पुराने विवाद को सुलझाने और सैन्य टकराव से बचने के लिए बातचीत फिर से शुरू की थी।

लंबी सैन्य कार्रवाई की संभावना

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने क्षेत्र में दूसरा विमानवाहक पोत भेजा है और बातचीत न सफल होने की स्थिति में लंबी सैन्य कार्रवाई की संभावना के लिए तैयारी कर रहा है। अमेरिकी और ईरानी तनाव के बीच, तेहरान ने परमाणु समझौते को फिर से लागू करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। ईरान एक ऐसे समझौते की दिशा में काम कर रहा है, जो दोनों पक्षों के लिए आर्थिक लाभ का मार्ग प्रशस्त करे।

ईरान की फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, विदेश मंत्रालय के उप निदेशक हामिद घनबरी ने कहा कि किसी भी स्थायी समझौते के लिए यह जरूरी होगा कि अमेरिका को भी ऐसे क्षेत्रों में लाभ मिले, जहां से उच्च और त्वरित आर्थिक फायदे मिल सकते हैं। घनबरी ने कहा कि तेल, गैस, संयुक्त क्षेत्रों, खनन निवेश और यहां तक कि विमान खरीद जैसे क्षेत्रों को अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल किया जा सकता है।

ईरान ने दिखाया नरम रुख

हालांकि ईरान के नरम रुख से दोनों देशों के बीच तनाव में कुछ कमी आई है, लेकिन ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने तेहरान में शासन की वापसी की मांग करते हुए प्रमुख वैश्विक शहरों में बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। यह आह्वान खासकर हाल के विरोध प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई के जवाब में किया गया है, जो मौलवी शासन के खिलाफ थे और आर्थिक संकट को लेकर थे।

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