Mojtaba Khamenei Health Condition: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई की हालत काफी नाजुक बनी हुई है। अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ही Mojtaba Khamenei की स्वास्थ्य स्थिति लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। सत्ता की कमान संभालने के बाद उन पर हुए एक भीषण हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। करीब दो महीने बाद भी उनका गुप्त रूप से इलाज चल रहा है और वे सामने नहीं आए हैं।
हमले में Mojtaba Khamenei इतनी बुरी तरह जख्मी हुए हैं कि उनके एक पैर का तीन बार ऑपरेशन किया जा चुका है। इसके बावजूद उनका पैर पूरी तरह ठीक नहीं हो पाया है और अब उन्हें एक आर्टिफिशियल पैर लगाया जाना बाकी है। इस गंभीर चोट के कारण वे फिलहाल अपने पैरों पर चलने-फिरने में पूरी तरह से असमर्थ हो गए हैं।
भयानक बमबारी की वजह से Mojtaba Khamenei का चेहरा और उनके होंठ बहुत ही गंभीर रूप से जल गए हैं। इस वजह से उन्हें बातचीत करने या कुछ भी बोलने में काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि उनके चेहरे को ठीक करने के लिए जल्द ही उनकी प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी।
Mojtaba Khamenei के ठिकाने को इजरायल के हमले के डर से पूरी तरह से गुप्त रखा गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान खुद एक हार्ट सर्जन हैं और स्वास्थ्य मंत्री के साथ मिलकर उनका इलाज कर रहे हैं। उनकी इस नाजुक हालत को देखते हुए पूरे देश में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम भी किए गए हैं।
मोजतबा की गैरमौजूदगी में ईरान की असली ताकत अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के जनरलों के हाथों में चली गई है। वे एक बोर्ड के निदेशक की तरह काम कर रहे हैं और सभी अहम फैसले इन जनरलों की सलाह पर ले रहे हैं। फिलहाल देश की पूरी शासन व्यवस्था इन्ही सैन्य अधिकारियों के कड़े निर्देशों पर चल रही है।
हमले के बाद से Mojtaba Khamenei ने देश की जनता के लिए कोई भी नया ऑडियो या वीडियो संदेश जारी नहीं किया है। वे सिर्फ हाथ से लिखे गए संदेशों के जरिए ही अपनी जरूरी बात जनता या अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं। इन संदेशों को वफादार कूरियरों के जरिए मोटरसाइकिल से बहुत ही गुप्त रास्तों से उन तक पहुंचाया जाता है।
यह पूरी दुखद घटना 28 फरवरी को हुई थी जब अमेरिकी और इजरायली सेना ने उनके परिसर पर अचानक बमबारी कर दी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट भी यह दावा करती है कि इसी भीषण एयर स्ट्राइक में वे इतनी गंभीर रूप से घायल हुए थे। तब से लेकर आज तक उनके गिरते स्वास्थ्य में सुधार की कोशिशें लगातार की जा रही हैं।
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अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद मोजतबा खामेनेई को ही ईरान की पूरी कमान और सत्ता संभालनी थी। लेकिन इस घातक हमले ने ईरान की पूरी राजनीतिक स्थिति और आने वाले भविष्य को काफी अनिश्चित बना दिया है। अब देश के सभी नागरिकों की नजरें इसी बात पर टिकी हैं कि वे कब तक स्वस्थ होकर लौटेंगे।