Menstrual Leave Nepal Civil Service: नेपाल सरकार ने महिला कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 'सिविल सर्विस एक्ट 1992' में संशोधन कर महिला कर्मचारियों हेतु मासिक धर्म अवकाश का प्रस्ताव रखा है।
फेडरल सिविल सर्विस से जुड़े कानूनों को संशोधित करने वाला यह विधेयक संसद सचिवालय में दर्ज कराया गया है। अगर यह विधेयक पारित हो जाता है, तो नेपाल दक्षिण कोरिया व जापान जैसे चुनिंदा देशों की सूची में शामिल होगा।
सरकारी नौकरियों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के बीच यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस नए कानून के लागू होने से नेपाल की सिविल सेवा में कार्यरत महिला कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
नेपाल सरकार ने 'सिविल सर्विस एक्ट 1992' में बदलाव करके महिला कर्मचारियों को मासिक धर्म अवकाश देने का कदम बढ़ाया है। सरकार द्वारा पेश इस विधेयक को फेडरल पार्लियामेंट सेक्रेटेरिएट में दर्ज करा दिया गया है।
इस विधेयक के जरिए सिविल सेवा से जुड़े विभिन्न कानूनों को संशोधित करने का प्रयास किया गया है। अगर संसद से यह विधेयक पारित होकर कानून बनता है, तो नेपाल उन गिने-चुने देशों में शामिल होगा जहां यह सुविधा मिलती है।
वर्तमान में केवल दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों में ही महिला कर्मचारियों हेतु ऐसा स्पष्ट प्रावधान है। दुनिया के अधिकांश देशों में सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए ऐसी किसी अलग छुट्टी की व्यवस्था नहीं है।
प्रस्तावित विधेयक अनुसार महिला कर्मचारियों को कैजुअल लीव, होम लीव, सिक लीव और स्टडी लीव मिलती रहेगी। इसके साथ ही उनके लिए मासिक धर्म अवकाश, मैटरनिटी लीव और मैटरनिटी केयर लीव का भी प्रस्ताव रखा गया है।
हालांकि, बिल में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस छुट्टी के लिए क्या शर्तें होंगी और कितने दिन की छुट्टी मिलेगी। पड़ोसी देश भारत में सेंट्रल सिविल सर्विसेज के छुट्टी नियमों में मासिक धर्म छुट्टी का अलग प्रावधान नहीं है।
मार्च 2026 में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में ऐसी नीति लागू करने का निर्देश देने से इनकार किया था। हालांकि, भारत के बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में महिला कर्मचारियों को महीने में दो दिन की ऐसी छुट्टी मिलती है।
नेपाल में पिछले दो दशकों दौरान सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी में काफी वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2007 में 'सिविल सर्विस एक्ट 1993' में संशोधन करके कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों हेतु 45% आरक्षण तय किया गया था।
इसमें से 33% पद महिलाओं हेतु आरक्षित किए गए, जिससे सिविल सेवा में महिलाओं की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी। नेपाल सरकार के इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 अनुसार 'निजामती किताबखाना' में पंजीकृत महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ी है।
मार्च 2026 के मध्य तक केंद्र, प्रांत व स्थानीय स्तर की सरकारी संस्थाओं में महिला कर्मचारियों की हिस्सेदारी 30% हो गई है। वर्ष 2008 में यह आंकड़ा मात्र 8% था, जो दर्शाता है कि पिछले वर्षों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व तेजी से बढ़ा है।