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नेपाल में बारिश...तो तिब्बत में बर्फीले तूफान का कहर, मौत की कगार पर खड़े सैकड़ो लोग

Snowstorm in Tibet: तिब्बत में बर्फीले तूफान के कारण माउंट एवरेस्ट की ढलानों में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए राहत कार्य जारी है। सैकड़ों ग्रामीण और राहतकर्मी बर्फ हटाने में जुटे हैं।

अक्षय साहू

Tibet News: नेपाल में लगातार हो रही बारिश से स्थिती खराब है, वहीं भारत के एक और पड़ोसी तिब्बत में अचानक आई बर्फीले तूफान के कारण 1000 लोग मौत के करार पर खड़ें है। इनमें से अधिकत्तर पर्यटक है जो माउंट एवरेस्ट की ढलानों में फांसे हुए हैं। भारी बर्फबारी के कारण रास्ते पूरी तरह बंद हो चुके हैं, जिससे लोग अपने कैंपों से नीचे नहीं उतर पा रहे हैं।

रविवार से राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों और राहतकर्मियों की मदद से मशीनों और फावड़ों से बर्फ हटाने का काम लगातार जारी है। अब तक कई पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, और स्थानीय लोगों को जरूरी मदद पहुंचाई जा रही है।

नेपाल में बाढ़ से 51 की मौत

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि बर्फबारी शुक्रवार शाम से शुरू हुई थी, जो शनिवार रात तक लगातार चलती रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए माउंट एवरेस्ट स्किनिक एरिया में शनिवार रात से टिकट बिक्री और पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने यह कदम पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। इस बर्फीले तूफान का असर सिर्फ तिब्बत तक सीमित नहीं रहा। नेपाल, जहां माउंट एवरेस्ट का दूसरा हिस्सा स्थित है, वहां भी भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जमकर तबाही मचाई है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार से अब तक कम से कम 51 लोगों की जान जा चुकी है।

खराब मौसम के कारण बचाव कार्यों में परेशानी

नेपाल के इलाम जिले, जो भारत की सीमा से सटा हुआ है, वहां सबसे अधिक तबाही हुई है। अकेले इस जिले में भूस्खलन की घटनाओं में 35 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा, देश के अन्य हिस्सों में बाढ़ में बह जाने से 9 लोग लापता हैं, जबकि बिजली गिरने की घटनाओं में 3 लोगों की मौत हो चुकी है।

तिब्बत और नेपाल दोनों ही देशों में प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है। हालांकि, दुर्गम पहाड़ी इलाकों और खराब मौसम के कारण बचाव कार्यों में कई तरह की बाधाएं सामने आ रही हैं। फिर भी टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और समय पर मदद पहुंचाई जा सके।

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