मार्को रुबियो की एस जयशंकर से मुलाकात सोर्स- (@DrSJaishankar)
विदेश

मुंबई में मार्को रुबियो और एस जयशंकर की मुलाकात! ऊर्जा व्यापार बढ़ाने और अमेरिकी तकनीक खरीदने पर जोर

India-US Relationship: अमेरिकी के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत दौरे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग की समीक्षा की। और ऊर्जा व्यापार को लेकर चर्चा भी की

नितिन कुमार राय

Highlights:

  • अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत दौरा

  • विदेश मंत्री एस जयशंकर से मार्को रूबियो की मुलाकात

  • रक्षा और ऊर्जा के सहयोग पर दोनों देशों ने की बातचीत

S Jaishankar Meets Marco Rubio: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान दोनों देशों ने मंगलवार को ऊर्जा और रक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। इस दौरान, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई बैठक में भारतीय पक्ष से ऊर्जा व्यापार बढ़ाने और अमेरिकी तकनीकों व प्रणालियों की खरीद में तेजी लाने का आग्रह किया।

जयशंकर और रुबियो, जो पांच महीने से भी कम समय में दूसरी बार एक बड़े व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए थे, देश के वित्तीय केंद्र में मिले।

तनाव के बीच नेताओं की मुलाकात

दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कई मुद्दों को लेकर दोनों देशों के संबंधों में तनाव बना हुआ है। इन मुद्दों में ट्रम्प प्रशासन की अनिश्चित व्यापार नीतियां, भारतीय पेशेवरों को प्रभावित करने वाले कड़े आव्रजन प्रतिबंध, और पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व के साथ अमेरिका की बढ़ती नजदीकियां शामिल हैं।

एस जयशंकर ने पोस्ट में जानकारी दी

रुबियो के साथ बैठक के बाद, एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने रिश्तों को और आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की, और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। रुबियो ने एक अलग सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा की, साथ ही अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के महत्व को फिर से दोहराया।

ऊर्जा व्यापार बढ़ाने पर जोर

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता के बयान के अनुसार, मार्को रुबियो ने भारतीय पक्ष से अमेरिकी ऊर्जा, तकनीक, और सैन्य व परमाणु उपकरणों की खरीद बढ़ाने पर जोर दिया। बयान में कहा गया है कि रुबियो ने इस बात को दोहराया कि अमेरिका के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने से भारत की सप्लाई चेन में विविधता लाने में मदद मिल सकती है, साथ ही इससे भारत की बड़ी उपभोक्ता मांग को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

रुबियो ने द्विपक्षीय रक्षा और असैन्य परमाणु सहयोग में हुई प्रगति की सराहना की, और अमेरिकी तकनीक और प्रणालियों की खरीद बढ़ाने की वकालत की, जिससे हमारे दोनों देशों की सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा मिल सके।

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