इजरायल ने बेरूत पर हमला किया (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

इजरायल के हमलों से दहला बेरूत, दक्षिणी इलाकों में इमारतें तबाह, हजारों लोग घर-बार छोड़ने पर मजबूर

Israel Attack Beirut: बेरूत के दक्षिणी इलाकों में इजरायली हवाई हमलों के बाद इमारतें ध्वस्त, सड़कों पर मलबा फैला, आग लगी, हिज़बुल्लाह ठिकानों को निशाना बनाया गया, लाखों लोग विस्थापित।

अक्षय साहू

Israel Attack Hezbollah: लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी हिस्सों में गुरुवार को इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद भारी तबाही के दृश्य सामने आए। कई इलाके पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जहां इमारतें ढह गई हैं और सड़कें मलबे से भरी हुई हैं। हमलों के तुरंत बाद आसमान में धुएं के गुबार और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात और सुबह के समय कई तेज धमाकों की आवाज सुनी गई, जिनके कारण आसपास की कई इमारतें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं।

बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में कई सड़कों पर इमारतों के अवशेष और मलबा फैला हुआ है, जिससे आगे बढ़ना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर आग बजी है और काले धुएं के गुबार आकाश में उठते दिखाई दे रहे हैं। रिहायशी और व्यावसायिक दोनों तरह की इमारतें या तो पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से प्रभावित इलाकों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है।

हिजबुल्लाह के ठिकानों को बनाया निशाना

इजरायल की सेना का दावा है कि ये हमले सक्रिय संगठन हिजबुल्लाह के ठिकानों और बुनियादी सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ये हमले हिज़बुल्लाह के सैन्य अभियानों में प्रयुक्त ढांचे को नष्ट करने के उद्देश्य से हैं। जारी कार्रवाई में बेरूत सहित लेबनान के कई हिस्सों में हवाई हमले और छापेमारी शामिल हैं। बुधवार की रात राजधानी के मध्य हिस्से में भी जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे तनाव और बढ़ गया।

संघर्ष में वृद्धि तब और तीव्र हो गई जब 2 मार्च को हिजबुल्लाह ने एक साल से अधिक समय बाद इजरायल पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। यह हमला उसी समय हुआ जब इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए, जिससे पूरे मध्य पूर्व में स्थिति और बिगड़ गई। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी कार्रवाइयाँ तेज़ी से बढ़ी हैं, जिससे सुरक्षा स्थिति अत्यधिक संवेदनशील बनी हुई है।

लेबनान छोड़कर जाने लगे लोग

इन घटनाओं के चलते बड़े पैमाने पर जनसंख्या का पलायन शुरू हो गया है। दक्षिणी लेबनान, पूर्वी बेक्का वैली और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों के लाखों लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। अब तक संघर्ष में लगभग 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 8 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं। छोटे से देश लेबनान के लिए यह मानवीय संकट लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है।

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