ईरान ने अमेरिका को युद्ध को लेकर चेतावनी दी (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

'ईरान पर हमला...खतरनाक जुए जैसा', तनाव के बीच ईरानी मंत्री ने दी अमेरिका को चेतावनी, अब क्या करेंगे ट्रंप?

Iran-US Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच जिनेवा में होने वाली वार्ता पर सबकी नजरें टिकी हैं, जबकि दोनों देश कूटनीति के साथ-साथ सैन्य विकल्प खुले रखने की बात कर रहे हैं।

अक्षय साहू

Iran Warns US on War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को लगातार दी जा रही चेतावनियों और तेहरान के आसपास बढ़ती सैन्य तैनाती के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव तेज हो गया है। ऐसे माहौल में ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने मंगलवार को कहा कि यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो यह उसके लिए “खतरनाक जुआ” साबित होगा।  हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अमेरिका के साथ समझौते के लिए आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।

अमेरिका और ईरान के बीच 26 फरवरी को जिनेवा में दूसरे दौर की बातचीत प्रस्तावित है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उस पर हमला हुआ तो वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है। तख्त-रवांची ने कहा, “हम जल्द से जल्द समझौते पर पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध हैं और पूरी ईमानदारी के साथ जिनेवा वार्ता में भाग लेंगे।” वहीं व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकता हमेशा कूटनीति रही है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर सैन्य विकल्प भी खुला है।

‘ईरान पर हमला करना जुआ होगा’

तख्त-रवांची ने दोहराया कि ईरान अपनी सुरक्षा योजनाओं के अनुसार किसी भी हमले का जवाब देगा। उन्होंने कहा, “ईरान पर अमेरिकी हमला एक बड़ा जोखिम होगा। हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका भी वार्ता के प्रति गंभीरता दिखाएगा।”

 ईरान में फिर तेज हुआ छात्रों का विरोध

इस बीच, ईरान में अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ युवाओं के विरोध प्रदर्शन फिर से उभरने लगे हैं। हाल के दिनों में विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्रों ने प्रदर्शन किए हैं। सरकारी प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने कहा कि छात्रों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन उन्हें “रेड लाइंस” का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, “पवित्र प्रतीक और राष्ट्रीय ध्वज ऐसी सीमाएं हैं जिन्हें किसी भी परिस्थिति में पार नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी माना कि छात्रों के मन में आक्रोश है और उनके गुस्से को समझा जा सकता है।

चीन की संभावित मिसाइल डील

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच चीन ईरान को अपनी सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल CM-302 बेचने के करीब है। यह मिसाइल लगभग 290 किलोमीटर की मारक क्षमता रखती है और दुश्मन के जहाजों को कम समय में निशाना बनाने में सक्षम है। मिडिल ईस्ट में जारी इस कूटनीतिक और सैन्य खींचतान के बीच अब सबकी नजरें जिनेवा वार्ता पर टिकी हैं, जो क्षेत्र में संभावित टकराव को टालने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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