Highlights
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का प्रस्ताव बरकरार रखा।
अमेरिका के सामने ईरान ने रखीं सात शर्तें।
ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी और तेल प्रतिबंध हटाने की मांग की।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों में मतभेद बरकरार।
ट्रंप बोले- ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द खत्म होगा।
Iran Ready Reopen Hormuz Strait : ईरान और अमेरिका के बीच आठ महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर दोबारा खोलने का प्रस्ताव अब भी बरकरार है। हालांकि, उन्होंने अमेरिका पर समझौते के लिए ईमानदारी नहीं दिखाने का आरोप लगाया।
इराक की राजधानी बगदाद में इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की बैठक में शामिल होने पहुंचे अराघची ने ईरानी मीडिया से कहा कि तेहरान अमेरिका के जवाब की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ईरान की शर्तें स्वीकार कर लेता है, तो छह दिनों के भीतर जलडमरूमध्य खोला जा सकता है और अगले दिन बातचीत फिर शुरू हो सकती है।
ईरान की प्रमुख मांगों में उसके बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी हटाना, ईरानी तेल निर्यात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध समाप्त करना और क्षेत्र के सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना शामिल है।
बातचीत में सबसे बड़ा मतभेद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि वार्ता की शुरुआत में ही परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा हो, जबकि ईरान पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और वहां सुरक्षा बहाल करने पर जोर दे रहा है।
युद्ध से पहले दुनिया के कुल तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता था। ऐसे में इसे खोलना वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम माना जा रहा है।
अराघची ने अमेरिका पर कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव और धमकियों के आगे नहीं झुकेगा, लेकिन आपसी सम्मान और विश्वसनीय गारंटी के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इससे पहले कहा था कि समझौते के लिए ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अपनी क्षमता में पर्याप्त कटौती करनी होगी।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द समाप्त हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि संघर्ष खत्म होने के बाद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें पहले से कम हो जाएंगी। केंटकी में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य हमलों का बचाव करते हुए कहा कि इन हमलों से ईरान की परमाणु क्षमताओं को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय संघर्ष समाप्त करने की शर्तों पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।