ईरान ने रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला किया (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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ईरान ने रियाद में अमेरिकी दूतावास पर बरसाए बम, उठ रहा काला धुआं, देखें खौफनाक VIDEO

Iran Attack Riyadh: रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई, सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की और सुरक्षा अलर्ट जारी किया।

अक्षय साहू

Iran Attacks US Embassy in Riyadh: मिडिल ईस्ट में हालात बेहद विस्फोटक हो गए हैं। ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल और अमेरिका की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ी, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। इसी बीच ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास पर हमला किया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नामक व्यापक सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे जटिल और सबसे शक्तिशाली सैन्य ऑपरेशन बताया। ट्रंप के मुताबिक, यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक अमेरिका अपने सभी रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल नहीं कर लेता। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लिया जाएगा और जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दी जाएगी।

रियाद में ईरान का हमला

इस बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान की ओर से इजरायल को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें दागी गईं। इसके साथ ही सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला किए जाने की खबर है। रिपोर्टों के अनुसार, दो ड्रोन हमलों के बाद दूतावास परिसर में भीषण आग लग गई। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों ड्रोन को ट्रैक किया गया था, लेकिन विस्फोट से दूतावास में आग फैल गई।

कतर ने किया ईरानी जेट मारने का दावा

तनाव के बीच कतर ने भी बड़ा दावा किया है। कतर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसकी वायुसेना ने ईरान से आए दो लड़ाकू विमानों को उसकी हवाई सीमा में घुसने पर मार गिराया। साथ ही, ईरान द्वारा दागी गई सात बैलिस्टिक मिसाइलों और पांच ड्रोनों को कतर की एयर डिफेंस प्रणाली ने इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।

ईरान ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में 15 से अधिक देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाइयों के बीच मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध की आशंका गहराती जा रही है।

ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं होगा NATO

दूसरी तरफ NATO के महासचिव मार्क रूटे ने स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट के इस संघर्ष में नाटो गठबंधन सीधे तौर पर शामिल नहीं होगा। हालांकि NATO में शामिल ब्रिटेन, फ्रांस और जमर्नी ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हो सकते हैं।

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