Iran Conflict Anniversary Updates: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने 12 दिवसीय भीषण संघर्ष की पहली बरसी पर देश को संबोधित किया। पिछले साल अमेरिका और इजरायल के साथ हुए इस भयानक युद्ध में जनता ने जो अदम्य साहस दिखाया, राष्ट्रपति ने उसकी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जियोनिस्ट दुश्मनों की बड़ी साजिशों को नाकाम करने में देश की जनता और हमारे सशस्त्र बलों की बहुत अहम भूमिका रही है। ईरान की यह अटूट एकता ही हमारी असली ताकत है जो हर मुसीबत में देश को बचाती है।
दुश्मनों ने गलत धारणाओं के आधार पर ईरान के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की हत्या की और बुनियादी ढांचे पर बड़े हमले किए। परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाकर ईरानी राष्ट्र की दृढ़ता और हिम्मत को पूरी तरह से तोड़ने की नाकाम कोशिश की गई। लेकिन ईरानी जनता ने शहीद नेता के दूरदर्शी नेतृत्व में अद्वितीय प्रतिरोध का शानदार प्रदर्शन किया। देश पर थोपे गए इस युद्ध ने साबित कर दिया कि सुरक्षा के मुद्दे पर पूरा ईरान एकजुट होकर एक साथ खड़ा रहता है।
वैचारिक और राजनीतिक प्राथमिकताओं में तमाम भारी मतभेदों के बावजूद, जब भी हमारे प्यारे ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है। हम सब एक ही उद्देश्य के साथ और पूरी तरह एकजुट होकर हमेशा दुश्मन के सामने पहाड़ की तरह खड़े होते हैं। इसी अटूट और बेहद पवित्र राष्ट्रीय एकता ने अंततः देश के सभी क्रूर दुश्मनों की खतरनाक योजनाओं को पूरी तरह से विफल कर दिया है। देश की जनता ने साबित किया है कि बाहरी ताकतें उन्हें कभी भी कमजोर नहीं कर सकती हैं।
राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे जनता की सभी बड़ी आर्थिक चुनौतियों और भारी दबावों से पूरी तरह वाकिफ हैं। सरकार इन मुश्किल परिस्थितियों में जनता के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सभी समस्याओं को दूर करने का लगातार प्रयास कर रही है। सरकार के प्रतिनिधि दिन-रात मेहनत कर रहे हैं ताकि इस जटिल स्थिति में आम लोगों का आर्थिक बोझ जल्द से जल्द कम किया जा सके। इस संकट के समय में जनता का अपार धैर्य सरकार के लिए एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
आगे की बड़ी चुनौतियों से पार पाने के लिए राष्ट्रपति ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई के मूल संदेश पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की निरंतर प्रगति के लिए मजबूत राष्ट्रीय एकता को बनाए रखना अब सबसे ज्यादा जरूरी हो गया है। अपनी सैन्य और रक्षा क्षमताओं को लगातार बढ़ाना तथा सार्वजनिक सतर्कता सुनिश्चित करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
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राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इस भीषण युद्ध में शहीद हुए सभी साहसी सैनिकों और सैन्य कमांडरों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि इन वीर सपूतों के पवित्र खून से ईरान के गौरवशाली इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। देश की असली ताकत हमारे लोगों की एकजुटता और ईरान के युवाओं की असाधारण प्रतिभा में पूरी तरह से निहित है।