INS सुकन्या के सामने आया पाकिस्तानी युद्धपोत (सोर्स- सोशल मीडिया)  
विदेश

रूक गई थी सांसे...जब अचानक आमने-सामने आए भारत-पाक के युद्धपोत, आखिर क्या हुआ था कोलंबो में?

World News in Hindi: कोलंबो बंदरगाह पर भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोत एक ही समय पर पहुंचे, जो दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद एक दुर्लभ और रोचक घटना थी।

अक्षय साहू

Indian Navy INS Sukanya in Srilanka: श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पर हाल ही में एक दिलचस्प घटना हुई, जब भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोत एक ही समय पर वहां पहुंचे। भारतीय नौसेना का ऑफशोर पेट्रोल जहाज INS सुकन्या ऑपरेशनल टर्नअराउंड (OTR) के लिए कोलंबो बंदरगाह पर आया था, और उसी दिन पाकिस्तानी नौसेना का फ्रिगेट PNS सैफ भी ईंधन भरवाने के लिए वहां पहुंचा।

यह घटना दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बावजूद एक साथ इन युद्धपोतों का एक ही बंदरगाह पर होना काफी चर्चा का विषय बन गई। INS सुकन्या मंगलवार को कोलंबो पहुंचा, जहां श्रीलंकाई नौसेना ने इसका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस जहाज की कमान कमांडर संतोष कुमार वर्मा के हाथ में है। यह जहाज 101 मीटर लंबा है और इसमें एंटी-एयरक्राफ्ट गन और हेलीकॉप्टर की लैंडिंग और टेकऑफ की सुविधा भी है।

आमने-सामने आए भारत-पाक युद्धपोत

भारतीय चालक दल के सदस्य इस दौरान श्रीलंकाई नौसेना के साथ मित्रता कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और श्रीलंका के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर भी करेंगे। यात्रा के बाद INS सुकन्या शुक्रवार को कोलंबो से वापस रवाना हो गया। दूसरी ओर, पाकिस्तानी नौसेना का PNS सैफ भी उसी दिन कोलंबो आया था, लेकिन वह अगले दिन यानी बुधवार को वापस चला गया। यह 123 मीटर लंबा फ्रिगेट है, जिसकी कमान कैप्टन असफंद फरहान खान संभाल रहे हैं। श्रीलंकाई नौसेना ने परंपरा के अनुसार इसे भी विदाई दी।

नौसेना शक्ति के लिहाज से भारत की स्थिति पाकिस्तान से कहीं आगे है। भारत की नौसेना को दुनिया में सातवां स्थान प्राप्त है, जबकि पाकिस्तान की नौसेना 33वें स्थान पर है। भारत के पास दो एयरक्राफ्ट कैरियर हैं, जबकि पाकिस्तान के पास एक भी नहीं। भारत के पास 12 डिस्ट्रॉयर युद्धपोत हैं, वहीं पाकिस्तान के पास केवल तीन हैं। इस घटना ने न केवल रणनीतिक दृष्टि से बल्कि पड़ोसी देशों के बीच संभावित सहयोग के संकेत के रूप में भी ध्यान खींचा।

तनाव भरा था नजारा

यह स्थिति काफी दुर्लभ थी, क्योंकि बहुत कम बार ऐसा होता है जब भारत और पाकिस्तान दोनों के युद्धपोत एक साथ किसी तीसरे देश के बंदरगाह पर मौजूद हों। यह घटना एशिया क्षेत्र में नौसेना कूटनीति की झलक भी दिखाती है, जहां देशों के बीच प्रतिस्पर्धा के बावजूद औपचारिक और पेशेवर संबंध बनाए रखे जाते हैं।

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