India Ships Stuck Strait Of Hormuz MEA Update: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज में स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है। ताजा घटनाक्रम में, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी (IRGC-N) ने उन दो जहाजों पर हमला कर उन्हें अपने कब्जे में लेने का दावा किया है, जिनमें से एक भारत के गुजरात स्थित मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा था। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार को ईरान ने दो जहाजो 'मएससी फ्रांसेस्का' और 'एपामिनोंडास' पर हमला किया। शिप ट्रैकिंग वेबसाइटों के मुताबिक, लाइबेरिया के झंडे वाला 'एपामिनोंडास' जहाज दुबई के जेबेल अली पोर्ट से रवाना हुआ था और इसे गुरुवार को गुजरात के मुंद्रा पहुंचना था। यह जहाज ग्रीस की कंपनी कालमार मैरीटाइम एलएलसी का बताया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अनिश्चितकालीन युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद किया गया।
इस घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली को तलब कर इस मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। बैठक के दौरान विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि भारत के लिए अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने ईरानी राजदूत को याद दिलाया कि पहले ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया था, लेकिन हालिया फायरिंग और हमले की घटनाएं बेहद गंभीर मामला हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में 14 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं, लेकिन 14 अन्य जहाज अभी भी पर्शियन गल्फ में फंसे हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा (1/5th) गुजरता है।
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भारत ने ईरान से मांग की है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और भारत जाने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करे। गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को भी ईरान ने दो भारतीय जहाजों पर हमला किया था, जिन्हें उस क्षेत्र से गुजरने की अनुमति मिली हुई थी। इन निरंतर हमलों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।