वांशिगटनः भारतीय मूल के लोगों ने अमेरिका में एक नया इतिहास रच दिया है। अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों का अमेरिकी राजनीति में बढ़ता दबदबा दुनिया मे एक भारतीयों का एक अलग पहचान बना रहा है। अमेरिका में 20 जनवरी को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले ही पहली बार, इतने अधिक भारतीय-अमेरिकी नेताओं ने एक साथ अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में शपथ ली है। इनमें डॉ. अमी बेरी, सुहास सुब्रमण्यन, श्री थानेदार, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति और प्रमिला जयपाल शामिल हैं।
सांसद डॉ. अमी बेरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि 12 साल पहले जब उन्होंने पहली बार शपथ ली थी, तब वह अमेरिकी संसद में भारतीय-अमेरिकी समुदाय से एकमात्र सांसद थे और इतिहास में तीसरे। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उनकी संख्या तीन से बढ़कर छह हो गई है। डॉ. बेरी ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में अमेरिकी संसद में भारतीय-अमेरिकी समुदाय का प्रतिनिधित्व और बढ़ेगा।
कैलिफोर्निया से बेरा ने लगातार सातवीं बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। उन्होंने सभी 6 भारतीय-अमेरिकी सांसदों के साथ एक तस्वीर साझा की। वहीं, इस बार सुहास सुब्रमण्यन ने पहली बार प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। उन्होंने अपने परिवार और हाउस स्पीकर माइक जॉनसन के साथ तस्वीर साझा करते हुए कहा, "अमेरिकी संसद में शपथ लेना मेरे लिए गर्व की बात है।"
इसके अलावा रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति और प्रमिला जयपाल ने लगातार पांचवीं बार शपथ ली।
माइक जॉनसन को एक बार फिर अमेरिकी हाउस स्पीकर चुना गया है। उन्हें 218 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेट नेता हकीम जेफ्रीज़ को 215 वोट मिले। यह जीत उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। स्पीकर के चुनाव के पहले उनकी अपनी पार्टी के कुछ सदस्यों ने उनका विरोध किया था। विरोध करने वालों में दक्षिण कैरोलिना के राल्फ नॉर्मन और टेक्सास के कीथ सेल्फ ने शुरुआत में दूसरे उम्मीदवारों का समर्थन किया था, हालांकि, अंत में माइक जॉनसन ने जीत हासिल की।