ओटावा: कनाडा में आम चुनाव का प्रचार अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है। सभी प्रमुख नेता अपने चुनावी अभियान को अंतिम रूप देने में जुटे हैं और खासतौर पर प्रभावशाली भारतीय-कनाडाई समुदाय को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में कंजर्वेटिव पार्टी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार पियरे पोलीवियरे ने भारतीय मूल के लोगों के साथ जुड़ने की पहल की है। उन्होंने टोरंटो स्थित एक प्रमुख हिंदू मंदिर का दौरा कर पूजा-अर्चना की, और इसके बाद ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में आयोजित खालसा दिवस परेड में भी भाग लिया।
पियरे पोलीवियरे ने स्वामीनारायण मंदिर में पूजा अर्चना की और अपने इस दौरे की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने लिखा कि वे स्वामीनारायण मंदिर और हिंदू समुदाय के आभारी हैं, जिन्होंने विश्वास, सेवा और निस्वार्थ योगदान के माध्यम से कनाडा की बेहतरी के लिए प्रेरणादायक कार्य किया है।
वहीं, मंदिर प्रशासन ने भी सोशल मीडिया के ज़रिए बताया कि पोलीवियरे ने समुदाय की सेवा भावना और गहरे विश्वास को नज़दीक से महसूस किया। उन्होंने मंदिर में प्रार्थना में भाग लिया और कनाडा व विश्व के लिए शांति और समृद्धि की कामना की।
मंदिर के दर्शन के बाद पियरे पोलीवरे ने खालसा दिवस परेड में भी भाग लिया, जिसमें लगभग 5 लाख लोगों की भीड़ उमड़ी थी। हालांकि, इस आयोजन में खालिस्तान समर्थक भी मौजूद थे, जो कथित खालिस्तान के समर्थन में जनमत संग्रह का प्रचार कर रहे थे। इस परेड में कनाडा के राजनेता और खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह की भी उपस्थिति रही। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो स्वामीनारायण मंदिर पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने खालसा परेड में शिरकत नहीं की।
पीएम पद के उम्मीदवार पोलीवरे की मंदिर यात्रा को लेकर हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन ने सवाल उठाया कि वे कनाडा में खालिस्तानी उग्रवाद के बढ़ते प्रभाव को किस रूप में देखते हैं, और इस समस्या से निपटने के लिए वे कौन-से ठोस कदम उठाना चाहेंगे। हालांकि, इस पर अभी तक पोलीवरे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है