चीन में 5 साल में 50 मिसाइलों की फैक्ट्री. (कॉन्सेप्ट फोटो) 
विदेश

चीन में चल रहा बड़ा खेल! 5 साल में 50 मिसाइलों की फैक्ट्री... 2 तो भारतीय सीमा के करीब

China Missile Factory: सैटेलाइट इमेज से खुलासा हुआ है कि चीन ने मिसाइल उत्पादन की रफ्तार तेज कर दी है। बीते पांच सालों में उसने करीब 50 नई फैक्ट्रियां खड़ी कर दीं, जिनमें से कुछ भारत की सीमा के बेहद..

अमन उपाध्याय

China India Border Missiles: चीन ने अपने मिसाइल उत्पादन नेटवर्क को पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार दिया है। सीएनएन की ताजा रिपोर्ट में सामने आया है कि चीन ने पिछले पांच वर्षों में लगभग 50 नई मिसाइल फैक्ट्रियां स्थापित की हैं। इनमें से दो फैक्ट्रियां भारत-चीन सीमा के नज़दीक बनाई गई हैं, जो भारत की सुरक्षा रणनीति के लिए चिंता का विषय है।

रिपोर्ट के अनुसार, चीन इस विस्तार के जरिए वाशिंगटन को तकनीकी और सैन्य स्तर पर पछाड़ना चाहता है। सैटेलाइट इमेज और नक्शों के विश्लेषण से पता चला है कि चीन के पास कुल 137 मिसाइल निर्माण केंद्र हैं। इनमें से 65 केंद्रों का विस्तार सिर्फ पिछले पांच सालों में हुआ है।

भारत की खुफिया एजेंसियां सतर्क

सबसे ज़्यादा मिसाइल फैक्ट्रियां राजधानी बीजिंग (9 फैक्ट्री) और वुहान (10 फैक्ट्री) में स्थित हैं। इसके अलावा शियान प्रांत में भी 9 फैक्ट्री स्थापित की गई हैं। भारत की सीमा से सटे क्षेत्रों में चेंगडू और गुजियांग में 1-1 फैक्ट्री सक्रिय है, जिससे भारत की खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मिसाइल उत्पादन के साथ-साथ चीन ने रिसर्च और टेस्टिंग सुविधाओं का भी व्यापक नेटवर्क बनाया है। रिपोर्ट बताती है कि चीन के पास 30 रिसर्च सेंटर और 13 टेस्टिंग सेंटर हैं जो नई मिसाइल तकनीक और लॉन्चिंग सिस्टम पर काम कर रहे हैं।

अमेरिका की रिपोर्ट में चेतावनी

परमाणु हथियारों के मामले में भी चीन तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के मुताबिक, चीन के पास करीब 600 परमाणु हथियार हैं। वहीं, अमेरिका की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर चीन की यह रफ्तार जारी रही, तो वह आने वाले वर्षों में कई हजार परमाणु हथियारों तक पहुंच सकता है।

फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स की रिपोर्ट बताती है कि चीन के पास 712 मिसाइल लॉन्चर्स हैं, जिनमें से 450 से अधिक अमेरिकी क्षेत्र तक मार करने में सक्षम हैं। अनुमान है कि चीन के पास कुल 2200 मिसाइलें हैं, जो एशिया से लेकर अमेरिका तक किसी भी लक्ष्य को निशाना बना सकती हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि 2012 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद चीन ने अपनी सेना, विशेषकर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स (PLARF) को आधुनिक हथियारों से लैस करने पर बड़ा फोकस किया है। यह विस्तार न केवल सैन्य शक्ति का संकेत है, बल्कि आने वाले वर्षों में एशिया में शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है।

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