ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

तख्तापलट की साजिश में ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो हाउस अरेस्ट, अमेरिका में मचा बवाल

Brazil Coup Plot: ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो को सुप्रीम कोर्ट ने घर में नजरबंद रहने का आदेश दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 2022 के चुनाव में हार के बाद सत्ता पलटने की साजिश रची थी।

अमन उपाध्याय

Brazil News: सोमवार को ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जैयर बोलसोनारो को सुप्रीम कोर्ट ने नजरबंद करने का आदेश दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 2022 के चुनाव में हार के बाद सत्ता बनाए रखने के लिए तख्तापलट की योजना बनाई थी। यह मामला पूरे दक्षिण अमेरिका में सुर्खियों में है, खासकर ऐसे वक्त में जब अमेरिका और ब्राजील के बीच व्यापारिक टकराव भी बढ़ता जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एलेक्ज़ेंडर डी मोरेस, जो इस मामले की निगरानी कर रहे हैं, ने अपने आदेश में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो (70 वर्ष) ने अदालत द्वारा पहले जारी किए गए सुरक्षा नियमों का उलंघन किया है। उन्होंने अपने तीन सांसद बेटों के सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से ऐसी सामग्री साझा की, जो नियमों के विरुद्ध थी। इसके अलावा, रविवार को बोलसोनारो ने रियो डी जेनेरियो में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए अपने बेटे और सीनेटर फ्लावियो बोलसोनारो के मोबाइल फोन का उपयोग किया था।

क्या है आरोप?

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो पर आरोप है कि उन्होंने 2022 के चुनावी नतीजों को गलत तरीके से पलटने की कोशिश की। उन पर एक आपराधिक गिरोह का नेतृत्व करने का भी संदेह है, जिसने न केवल चुनाव परिणामों में हेरफेर की साजिश रची, बल्कि मौजूदा राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्जेंडर डी मोरेस की हत्या की योजना भी बनाई। इस मामले पर राष्ट्रपति लूला समेत कई प्रमुख नेताओं ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है।

अदालत के निर्देश पर की गई कार्रवाई

इसी सिलसिले में बोलसोनारो को उनके घर में नजरबंद करने का आदेश दिया गया। इसके बाद ब्राजील की फेडरल पुलिस ने ब्रासीलिया स्थित उनके निवास पर छापा मारकर उनका मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई अदालत के निर्देश पर की गई है। अब बोलसोनारो को ब्रासीलिया में ही रहना होगा और उन्हें यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई है। उनका एक घर रियो डी जेनेरियो में भी है, जहां वे लंबे समय तक सांसद रहे थे।

ट्रंप के करीबी हैं बोलसोनारो

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील से आयातित सामानों पर 50% टैरिफ लगाने का फैसला किया है, जिसका कारण उन्होंने सीधे तौर पर ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के खिलाफ चल रही न्यायिक कार्यवाही को बताया है। ट्रंप, बोलसोनारो के करीबी माने जाते हैं और उन्होंने इस मुकदमे को "विच हंट" करार दिया है। इस टिप्पणी के बाद ब्राजील में राष्ट्रवादी प्रतिक्रियाएं और तेज हो गई हैं। अब यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है, क्योंकि यह केवल एक घरेलू राजनीतिक संकट नहीं है, बल्कि अमेरिका और ब्राजील के बीच वैश्विक संबंधों पर भी असर डाल सकता है।

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