Kolkata RG Kar Rape Murder Case: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष को शुक्रवार को भीड़ के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उत्तर 24 परगना जिले में खरदह थाने के बाहर पुलिस सुरक्षा के बीच उन्हें कोर्ट ले जाया जा रहा था, तभी लोगों ने उन पर अंडे, जूते-चप्पल और कीचड़ फेंकना शुरू कर दिया। भीड़ ने इस दौरान ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए।
निर्मल घोष को आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म-हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उन्हें बैरकपुर उपमंडलीय अदालत में पेश करने के लिए ले जा रही थी। संभावित हमले को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने उनके सिर पर हेलमेट पहना दिया और चारों तरफ से सुरक्षा घेरा बना लिया, लेकिन इसके बावजूद भीड़ का गुस्सा कम नहीं हुआ।
निर्मल घोष को जब खरदह थाने से जेल वैन की ओर ले जाया जा रहा था, तभी वहां मौजूद लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश की।
सुरक्षा घेरे के बीच भी भीड़ ने घोष पर अंडे और जूते-चप्पल फेंके। कुछ लोगों ने उन पर कीचड़ भी फेंका। बाद में बैरकपुर अदालत परिसर में भी लोगों ने उन्हें देखकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए।
घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें पुलिसकर्मी निर्मल घोष को थाने से बाहर निकालते नजर आ रहे हैं। संभावित हमले से उनके सिर को बचाने के लिए उन्हें हेलमेट पहनाया गया था। जवानों ने चारों तरफ से घेरा बना रखा था, लेकिन भीड़ ने सुरक्षा घेरे के बावजूद हमला करने की कोशिश की।
इसी मामले के एक अन्य आरोपी संजीव मुखर्जी को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। मुखर्जी पीड़ित महिला डॉक्टर का पड़ोसी और तृणमूल कांग्रेस का पूर्व पार्षद है।
पुलिस जब उसे अदालत ले जाने के लिए वाहन तक पहुंचा रही थी, तब लोगों ने उसके खिलाफ भी नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष को आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म-हत्या मामले में एक दिन पहले ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था। उन पर पीड़िता के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किए जाने में कथित भूमिका का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ डे भी आरोपी हैं, लेकिन वह फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि पीड़िता के पिता की ओर से सोमवार को दर्ज कराई गई नई शिकायत के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई। निर्मल घोष पर सबूत मिटाने, आपराधिक साजिश रचने और किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध काम करने के लिए मजबूर करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था। अब मामले से जुड़े आरोपियों को कोर्ट ले जाने के दौरान हो रहा विरोध एक बार फिर चर्चा में है।