RSS प्रमुख मोहन भागवत (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पश्चिम बंगाल

संघ को BJP के चश्मे से नहीं देखना चाहिए, भागवत बोले- RSS का लक्ष्य है भारत को विश्वगुरू बनाना

Mohan Bhagwat News: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने देश के चार शहरों में संघ के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि संघ को भाजपा या किसी अन्य संगठन से जोड़कर देखना एक बड़ी गलती है।

अर्पित शुक्ला

Mohan Bhagwat West Bengal Visit: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कोलकाता में आयोजित RSS 100 व्याख्यान माला कार्यक्रम के दौरान संघ के उद्देश्य और मिशन पर महत्वपूर्ण बातें साझा की। उन्होंने कहा कि संघ को समझने के लिए इसे किसी एक विशेष नजरिए से देखना या तुलना करना भ्रम पैदा कर सकता है। भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ न तो कोई साधारण सेवा संगठन है, न ही इसे बीजेपी के चश्मे से देखा जाना चाहिए।

भागवत ने संघ की स्थापना के मूल उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा, "संघ की स्थापना का एक ही वाक्य में उत्तर है, 'भारत माता की जय।' यहां भारत सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि एक विशेष स्वभाव और परंपरा का नाम है। हमारा लक्ष्य उस परंपरा को कायम रखते हुए भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने के लिए समाज को तैयार करना है।" उन्होंने यह भी कहा कि संघ का जन्म किसी राजनीतिक उद्देश्य, प्रतिस्पर्धा या विरोध से नहीं हुआ है। "संघ हिंदू समाज के संगठन, उन्नति और संरक्षण के लिए समर्पित है," उन्होंने कहा।

भागवत का पश्चिम बंगाल दौरा

मोहन भागवत ने 18 दिसंबर को अपने पश्चिम बंगाल के 4 दिवसीय दौरे की शुरुआत की। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा काफी अहम है, क्योंकि यह राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हो रहा है। इस दौरान, भागवत ने राज्य में संघ और उसकी विचारधारा के प्रसार को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा की।

इतिहास का किया जिक्र

भागवत ने अपने भाषण में इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि सुभाष चंद्र बोस के निधन के बाद अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष समाप्त हो गया था, लेकिन समाज सुधार की प्रक्रिया, जो राजा राम मोहन राय के समय से चली आ रही थी, एक सतत लहर बनी रही। उन्होंने इसे समुद्र के बीच एक द्वीप के रूप में बताया, जो निरंतर चलता रहा।

समाज को मजबूत बनाने की बात

मोहन भागवत ने यह भी कहा कि अब हमें अपने समाज को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने भारत की महान विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार रहना होगा। "अतीत में हम अंग्रेजों से युद्ध हार गए, लेकिन अब हमें अपने समाज को मजबूत करना है," उन्होंने कहा।

भागवत के इस भाषण में संघ का महत्व, भारत की शक्ति और वैश्विक भूमिका पर भी जोर था, और यह संदेश दिया गया कि संघ का उद्देश्य केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि समाज की समृद्धि और उसकी सांस्कृतिक धारा को फिर से जागृत करना है।

आज की ताजा खबर 10 अगस्त: एक क्लिक में पढ़ें देश-दुनिया की सभी बड़ी खबरें

जब सुप्रिया सुले की बेटी के रिसेप्शन में आमने-सामने आए अमित शाह और राहुल गांधी, VIDEO में देखें आगे क्या हुआ?

सौरव गांगुली को जान से मारने की धमकी, CAB ऑफिस में लेटर मिलने से हड़कंप, पत्नी डोना और स्टाफ का भी जिक्र

दिल्ली में रेवती सुले और सारंग के रिसेप्शन में एक साथ पहुंचे राहुल, प्रियंका और सोनिया गांधी, देखें VIDEO

Delhi AAP Protest: 4200 की साइकिल 6957 में क्यों? AAP ने दिल्ली सरकार पर उठाए सवाल, 90 करोड़ के घोटाले का आरोप